फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: बोर्ड के कर्मचारी-पेंशनर ही स्मार्ट बिजली मीटरों को बदलने के विरोध में उतरे, जानें पूरा मामला

Thu, 05 Mar 2026 04:27 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।

सार

आम उपभोक्ताओं के बाद अब बिजली बोर्ड के पेंशनर और कर्मचारी भी इसके विरोध में उतर आए हैं।
विज्ञापन
बिजली मीटरों को प्राथमिकता पर बदलने के फैसले का कर्मचारियों ने किया विरोध। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। आम उपभोक्ताओं के बाद अब बिजली बोर्ड के पेंशनर और कर्मचारी भी इसके विरोध में उतर आए हैं। मुख्य अभियंता कार्यालय मट्टनसिद्ध के बाहर वीरवार को कर्मचारियों और पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन किया। बिजली बोर्ड हमीरपुर जोन के मुख्य अभियंता (संचालन) के जारी पत्र में बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के पुराने बिजली मीटरों को प्राथमिकता के आधार बदलने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नीतीश भारद्वाज, पूर्व प्रधान कामेश्वर दत्त शर्मा, हीरा लाल वर्मा, बिजली पेंशनर्ज फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध किया।

विज्ञापन



उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी एवं अभियंता राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। यह महंगी एवं आम जनता के लिए अनावश्यक तकनीक है। इसे प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक, 2025 के माध्यम से निजीकरण एवं निजी कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बोर्ड प्रबंधन निजी कंपनी के हित को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर को पूरे प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं पर लागू कर रहा है। इससे लगभग 2500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। इसकी भरपाई उपभोक्ताओं से बिजली बिलों के माध्यम से की जाएगी। यूनियन एवं पेंशनर्ज फोरम ने मांग की है कि कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के घरों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर स्थापित करने संबंधी भेदभावपूर्ण कार्यालय आदेश को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने बताया कि यदि बोर्ड प्रबंधन कार्यालय आदेश को वापस नहीं लेता है तो नौ मार्च को मुख्य अभियंता परिचालन धर्मशाला में विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

बिजली बोर्ड को प्रयोगशाला न बनाएं, जनता को राहत पहुंचाएं : महाजन
राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर कल्याण संघ की चंबा शाखा की मासिक बैठक में पेंशनरों ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया। इसकी अध्यक्षता संघ के वरिष्ठ सदस्य एवं मुख्य सलाहकार विश्वामित्र महाजन ने की l
उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड को बेवजह प्रयोगशाला न बनाया जाए, बल्कि जनहित में ठोस नीति बनाकर आम जनता को लूटने के बजाय राहत पहुंचाई जाए। संघ के अध्यक्ष मुकेश बेदी ने कहा कि बिजली बोर्ड का निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने बिजली बोर्ड के सुधारीकरण की मांग की। जिला विधि सेवा प्राधिकरण चंबा के सदस्यों ने वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सहायता के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार की सहायता इस प्राधिकरण की ओर से हासिल की जा सकती है। रोगियों के उपचार के लिए भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस मौके पर मुकेश बेदी, दलीप चोणा, पृथी चंद शर्मा, खेम सिंह नारियल, निक्कू राम, बुधिया राम, रिखी राम, शंकर सिंह, सोनिया राम, हरिंदर सिंह, करम चंद, प्रदीप कुमार, करामत खान, ओम प्रकाश, दविंदर कौर सुमित्रा देवी, निर्मला देवी, नीलम सहित करीब 75 पेंशनर मौजूद रहे।
विज्ञापन

स्मार्ट मीटर में कोई खामी नहीं : नेगी
बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी का कहना है कि स्मार्ट मीटर सही है। इसमें किसी प्रकार की खामी नहीं है। अगर किसी को शंका है कि उनका बिजली बिल ज्यादा आ रहा है, तो ऐसे उपभोक्ता दूसरा मीटर लगवाकर चेक कर सकते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें