उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी एवं अभियंता राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। यह महंगी एवं आम जनता के लिए अनावश्यक तकनीक है। इसे प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक, 2025 के माध्यम से निजीकरण एवं निजी कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बोर्ड प्रबंधन निजी कंपनी के हित को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर को पूरे प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं पर लागू कर रहा है। इससे लगभग 2500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। इसकी भरपाई उपभोक्ताओं से बिजली बिलों के माध्यम से की जाएगी। यूनियन एवं पेंशनर्ज फोरम ने मांग की है कि कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के घरों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर स्थापित करने संबंधी भेदभावपूर्ण कार्यालय आदेश को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने बताया कि यदि बोर्ड प्रबंधन कार्यालय आदेश को वापस नहीं लेता है तो नौ मार्च को मुख्य अभियंता परिचालन धर्मशाला में विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बिजली बोर्ड को प्रयोगशाला न बनाएं, जनता को राहत पहुंचाएं : महाजन
राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर कल्याण संघ की चंबा शाखा की मासिक बैठक में पेंशनरों ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया। इसकी अध्यक्षता संघ के वरिष्ठ सदस्य एवं मुख्य सलाहकार विश्वामित्र महाजन ने की l
उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड को बेवजह प्रयोगशाला न बनाया जाए, बल्कि जनहित में ठोस नीति बनाकर आम जनता को लूटने के बजाय राहत पहुंचाई जाए। संघ के अध्यक्ष मुकेश बेदी ने कहा कि बिजली बोर्ड का निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने बिजली बोर्ड के सुधारीकरण की मांग की। जिला विधि सेवा प्राधिकरण चंबा के सदस्यों ने वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सहायता के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार की सहायता इस प्राधिकरण की ओर से हासिल की जा सकती है। रोगियों के उपचार के लिए भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस मौके पर मुकेश बेदी, दलीप चोणा, पृथी चंद शर्मा, खेम सिंह नारियल, निक्कू राम, बुधिया राम, रिखी राम, शंकर सिंह, सोनिया राम, हरिंदर सिंह, करम चंद, प्रदीप कुमार, करामत खान, ओम प्रकाश, दविंदर कौर सुमित्रा देवी, निर्मला देवी, नीलम सहित करीब 75 पेंशनर मौजूद रहे।
स्मार्ट मीटर में कोई खामी नहीं : नेगी
बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी का कहना है कि स्मार्ट मीटर सही है। इसमें किसी प्रकार की खामी नहीं है। अगर किसी को शंका है कि उनका बिजली बिल ज्यादा आ रहा है, तो ऐसे उपभोक्ता दूसरा मीटर लगवाकर चेक कर सकते हैं।