शहर की सड़कों के किनारे लगे रेत बजरी के ढेर और पेड़ों के ठूंठ लोगों की तथा वाहनों की आवाजाही प्रभावित कर रहे हैं। इससे हादसों की भी आशंका है। वहीं
जोधा निवास-होलीलाॅज मार्ग, खलीनी समेत कई जगहों पर सड़क के किनारे बिजली के खंभे लगे हैं जिससे लोग परेशान होते हैं। संवाददाता ने मौके का जायजा लिया। पेश है रिपोर्ट:-
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में सड़कों के किनारे रखी जा रही भवन निर्माण सामग्री (रेत और बजरी) से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसके अलावा शहर की कई सड़कें ऐसी हैं जहां पर बिजली के खंभों से पहले से तंग मार्ग और संकरे हो गए हैं। इस वजह से अक्सर हादसों की आशंका रहती है।
बावजूद इसके बिजली के खंभों को हटाने के लिए प्रशासन और बिजली बोर्ड की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। इसका नतीजा है कि शहर की इन संकरी सड़कों पर हर रोज लोग परेशानियों से जूझने को मजबूर हैं। जोधा निवास से होलीलॉज के लिए जाने वाले मार्ग पर भी सड़क पर बिजली के खंभे लगे हैं। दोनों ओर से गाड़ियां आने पर ट्रैफिक जाम लग जाता है। सड़क पर बिजली के कई खंभों के कारण वाहनों की आवाजाही में और अधिक परेशानियां आ रही हैं।
खलीनी क्षेत्र में भी इसी तरह के कई बिजली के खंभे सड़कों पर लगे हैं। इससे यहां पर वाहनों की आवाजाही में परेशानियां आती हैं। इससे पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा भी दांव पर लगी रहती हैं। समरहिल-एमआई रूम-आंदड़ी मार्ग पर इसी तरह के बिजली के खंभों के कारण बस की आवाजाही में परेशानी आ रही हैं। इसके बावजूद इस समस्या का समाधान करने के लिए आज तक कोई कदम नहीं उठाया है।
सड़कों के किनारे पड़े हैं पेड़ों के ठूंठ
शहर की सड़कों पर निर्माण सामग्री के साथ ही बरसात में गिरे पेड़ों की लकड़ी भी पड़ी हुई है। इसे कई महीने बीतने के बाद भी संबंधित विभाग ने पेड़ों के ठूंठ को नहीं उठाया है। आईजीएमसी-संजौली मार्ग पर पेड़ों की लकड़ी को फुटपाथ पर ही रख दिया है। इस वजह से यहां पैदल चलने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह से संजौली से लेकर पुराना बस अड्डा तक भी जगह-जगह लड़की रखी है जिसे महीनों बाद भी वन विभाग ने नहीं उठाया है।