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महंगी होगी बिजली, ज्यादा बिल चुकाने को रहें तैयार

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हिमाचल के शहरों में बिजली प्रति यूनिट 5 से 20 पैसे तक महंगी हो सकती है। स्ट्रीट लाइट्स का बिल भरने के लिए अधिकांश शहरी निकाय अपने यहां इलेक्ट्रिसिटी सेस बढ़ाने जा रहे हैं।
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करीब 20 निकायों ने सदन में सेस बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर शहरी विकास विभाग से इसे लागू करने की मंजूरी मांगी है। निदेशालय से करीब 11 नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के केस सरकार को चले गए हैं।

बाकी केस भी शीघ्र भेजे जा रहे हैं। सचिवालय से इसकी अधिसूचना होगी। इसके बाद शहरवासियों को बिजली के ज्यादा बिल चुकाने पड़ेंगे।
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शहरी निकायों के पास है सेस लगाने का अधिकार

नगर पालिका संशोधित अधिनियम में शहरी निकायों के पास प्रति यूनिट 20 पैसे सेस लगाने का अधिकार है। वर्तमान में 2 पैसे प्रति यूनिट सेस लिया जा रहा है। केवल शिमला नगर निगम में 10 पैसे प्रति यूनिट सेस है।

निदेशालय ने स्ट्रीट लाइट्स बिल और इनकी मरम्मत के बढ़ते खर्च को पूरा करने के लिए शहरी निकायों को सेस बढ़ाने के लिए कहा था। बढ़े हुए सेस में से कम से कम 1 पैसे या 10 फीसदी प्रति यूनिट बिजली बोर्ड को जाएगा।

यह बिल कलेक्शन के बदले दिया जाता है। शेष सारा पैसा शहरी निकाय को मिलेगा। इससे नगर परिषदें अपना स्ट्रीट लाइट का बिल अदा करेंगी।
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धर्मशाला-सुंदरनगर में लगेंगी एलईडी लाइट्स

स्ट्रीट लाइन बिजली बिल घटाने के लिए दो शहरों में शहरी विकास विभाग एलईडी/सीएफएल लाइट्स लगा रहा है।

इसके लिए धर्मशाला और सुंदरनगर में सर्वे किया जा रहा है। यहां कुछ लाइट्स टाइमर वाली होंगी, जो अंधेरा होने के बाद खुद जलेंगी और सुबह खुद बुझ जाएंगी। इससे बिजली खपत में 70 फीसदी तक कटौती होगी।

निदेशक शहरी विकास कैप्टन जेएम पठानिया का कहना है कि नगर पालिकाओं के पास सबसे बड़ा खर्चा स्ट्रीट लाइट्स का है। इसे सेस बढ़ाकर पूरा किया जा सकता है। पिछले कई वर्षों से सेस नहीं बढ़ा है। सरकार हर साल बिजली बिल भरने को धन नहीं दे सकती। शहरी निकायों को आत्मनिर्भरता की ओर सोचना होगा।
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