प्रदेश अध्यक्ष ने आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण का भी आरोप लगाया है। कंपनियों ने ईपीएफ में करोड़ों रुपये का गोलमाल किया गया है। उन्होंने प्रबंधक वर्ग से ऐसी कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करके साल 2019-20 के लिए सेवा प्रदान करने की निविदा से बाहर करने और 10-12 सालों से काम कर रहे युवाओं को नीति बनाकर बोर्ड में लाने और अनवांटेड मैटीरियल के स्थान पर निचले स्तर पर आवश्यक सामान उपलब्ध करवाने की मांग की।
महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड में मानव रहित विद्युत उपकेंद्रों की दयनीय स्थिति है। इनमें विभिन्न श्रेणियों के 350 पदों को भरने की भी मांग की। इस मौके पर मुख्य संगठनकर्ता मनोज सूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष सुनीता कुमारी, उप महासचिव जगमेल ठाकुर, सतिंद्र वर्मा, आदर्श भारद्वाज, सलाहकार सतीश शर्मा और ओम प्रकाश शर्मा, सुधीर कुमार, बिधि चंद, हरनाम सिंह, कपिल कुमार और हंसराज मौजूद रहे।