हिमाचल के साथ गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों का एलान अब कभी भी हो सकता है। गुजरात में 10 अक्तूबर तक आयोग का दौरा है, जिसके बाद दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक आयोग के साथ होगी। शुरू में ऐसी चर्चा थी कि दोनों राज्यों में आयोग एक साथ चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।
लेकिन अब सूत्रों का कहना है कि आयोग दोनों राज्यों में अलग-अलग चुनाव कराने का एलान कर सकता है। दरअसल, हिमाचल में साल 2012 में 4 नवंबर को मतदान हुआ जबकि गुजरात में 13 और 17 दिसंबर को दो चरणों में वोट पड़े। इसके बाद दोनों प्रदेशों में 25 और 26 दिसंबर को मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली।
हालांकि, दोनों ही विधानसभाओं के पहले सत्र और विधायकों के शपथ ग्रहण में करीब 15 दिन का अंतर है। वहीं, हिमाचल में चुनाव आयोग ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। 25 सितंबर को खुद निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने शिमला आकर तैयारियों
पर अफसरों के साथ बैठक की और तैयारियों पर संतोष जताया। गुजरात में अभी भी चुनावी तैयारियां पूरी नहीं हो सकी हैं। सूत्रों का कहना है कि तैयारियों में हो रही देरी की वजह से आयोग चुनाव की तारीखें अलग-अलग घोषित करने पर विचार कर रहा है।