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Martyr Amit Sharma: डिंपल शर्मा बोले- भारत माता का पुत्र था मेरा भाई, देश के लिए दिया बलिदान

Fri, 13 Jan 2023 11:15 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

प्रदेश की ग्राम पंचायत धनेड़ के तहत तलाशी खुर्द किरवीं गांव के शहीद अमित शर्मा की पार्थिव देह खराब मौसम के चलते शुक्रवार को भी घर नहीं पहुंच पाई। बीते मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में बर्फ पर फिसलने से अमित शर्मा समेत सेना के तीन जवान शहीद हुए थे। 
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शहीद के घर पर मौजूद परिजन व अन्य। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की ग्राम पंचायत धनेड़ के तहत तलाशी खुर्द किरवीं गांव के शहीद अमित शर्मा की पार्थिव देह खराब मौसम के चलते शुक्रवार को भी घर नहीं पहुंच पाई। बीते मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में बर्फ पर फिसलने से अमित शर्मा समेत सेना के तीन जवान शहीद हुए थे। इस हादसे में शहीद हुए 23 वर्षीय अमित शर्मा के देहांत से सभी स्तब्ध हैं। परिवार में मातम पसरा है। घरवालों को बस उसकी पार्थिव देह आने का इंतजार है। अमित का बड़ा भाई डिंपल शर्मा भी गुरुवार शाम को मुंबई से अपने गांव पहुंच चुका है।

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 अमर उजाला से बातचीत में डिंपल ने बताया कि अमित उससे उम्र में आठ साल छोटा था। बचपन में उसे अपनी गोद में खेलाया था। उन्होंने कहा कि अमित बेशक उम्र में उनसे छोटा था, लेकिन उसकी बातें हमेशा बड़े लोगों की तरह परिपक्वता पूर्ण होती थीं। ऐसा महसूस होता था कि वह ही घर का मुखिया है। डिंपल ने कहा कि मेरा भाई भारत माता का पुत्र था, जिसने देश के लिए बलिदान दिया है। उन्हें अपने भाई पर गर्व है। उधर, अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर जितेंद्र सांजटा ने कहा कि मौसम खराब होने की वजह से शहीद का शव शुक्रवार शाम तक नहीं पहुंच पाया है। जिला प्रशासन सेना मुख्यालय से लगातार संपर्क में है। 

शुक्रवार को भी घर नहीं पहुंची शहीद अमरीक का पार्थिव देह
वहीं, ऊना जिले के दौलतपुर चौक क्षेत्र के गणु मदवाड़ा में हवलदार अमरीक सिंह की शहादत से शुक्रवार को भी पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। लोग शहीद अमरीक के शव का इंतजार करते रहे। शुक्रवार को अमरीक की शहादत की सूचना पत्नी को दी गई। यह सुनकर पत्नी रुचि कुछ पल के लिए बेसुध हो गई। शहीद के पिता धर्मपाल सिंह और माता ऊषा देवी बेटे के पार्थिव शरीर के इंतजार में बैठे रहे। कभी वे बहू को ढांढस बंधाते तो कभी पोते को। तहसीलदार घनारी रोहित कंवर ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से सेना के संपर्क में है। जैसे ही शव को एयरलिफ्ट कर लाया जाएगा। वैसे ही परिजनों को सूचना दे दी जाएगी। बता दें कि गणु मदवाड़ा के 39 वर्षीय हवलदार अमरीक सिंह मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हुए सड़क हादसे में शहीद हो गए थे। अमरीक सिंह 2001 में सेना में भर्ती हुए। वह जम्मू कश्मीर के माछिल सेक्टर में तैनात थे। उधर, ग्राम पंचायत प्रधान बिंदु राणा ने बताया कि खराब मौसम की वजह से शव लाने में देरी हो रही है।

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