भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से शनिवार को 409 कैडेट पासआउट होकर सेना में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हुए, जिसमें 18 कैडेट हिमाचल के हैं। सेना में शामिल होने वाले अफसरों के आधार पर 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हिमाचल दसवें स्थान पर है।
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अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले मित्र राष्ट्रों के 78 कैडेट भी पासआउट होकर अपनी राष्ट्रीय सेनाओं में बतौर अफसर शामिल होंगे। बंगलादेश सेना प्रमुख जनरल अबु बेलाल मोहम्मद शफिउल हक ने 487 राष्ट्रीय और विदेशी कैडेट की चैटवुड हॉल ड्रिल स्क्वायर पर हुई परेड की सलामी ली।
अकादमी के 141 नियमित,124 टेक्निकल ग्रेजुएट स्कीम कोर्स के तहत प्रशिक्षण ले रहे कैडेट पास आउट हो गए हैं। हिमाचल से दोनों कोर्स में 21 कैडेट हैं, जबकि व जून वर्ष 2017 में हिमाचल के 21 युवा भारतीय सेना में अकादमी से प्रशिक्षण लेकर सैन्य अफसर बने थे।
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इस बार प्रदेश की रैकिंग में तीन पायदान की गिरावट
इस बार प्रदेश की रैकिंग में तीन पायदान की गिरावट आई है। सेना में शामिल हुए अफसर सैन्य सेवाओं में जाने की प्रदेश परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। परेड में अंतिम पग पार करने के बाद सभी कैडेट सेना में युवा अफसर के तौर पर लेफ्टिनेंट रैंक हासिल किया।
इन सभी अफसरों को पास आउट होने से पहले ही उनकी रेजिमेंट और पोस्टिंग स्थान आवंटित किया जा चुका है। समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए असम के चंद्रकांत आचार्य को स्वार्ड ऑफ आनर से जनरल हक ने सम्मानित किया।
टाप पांच अवार्ड में हिमाचल का कोई कैडेट स्थान हासिल नहीं कर सका। पासिंग आउट परेड समारोह के लिए सभी कैडेट के परिजन अकादमी में मौजूद रहे।
टॉप 10 राज्य
उत्तर प्रदेश 76
हरियाणा 58
उत्तराखंड 38
बिहार 24
पंजाब 24
महाराष्ट्र 24
राजस्थान 23
दिल्ली 22
मध्य प्रदेश 19
हिमाचल 18
कोलर के शुभम बने सेना में लेफ्टिनेंट
सिरमौर जिले के कोलर गांव के शुभम घोतरा सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। शनिवार को ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी गया में माता-पिता ने भव्य समारोह में उनके कंधे पर सितारे लगाए। शुभम का चयन 2014 में जमा दो कक्षा पास करने के बाद हुआ था।
वे 17 एसएसबी बंगलूरू की टीईएस 30 कोर्स के लिए गए थे। गया में बेसिक मिल्ट्री ट्रेनिंग के बाद शुभम ने कॉलेज ऑफ मिल्ट्री इंजीनियरिंग पुणे से बीटेक की। इसके बाद शनिवार को उन्हें इंडियन आर्मी में कमीशन प्राप्त हुआ। अब वे एक वर्ष में सीएमई पुणे से डिग्री पूरी करेंगे।
इसके बाद उनकी तैनाती जनवरी 2019 में 235 इंजीनियर रेजिमेंट लेह में होगी। शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जय प्रकाश और माता सुनीता को दिया है। उनके पिता इंडियन कोस्ट गार्ड में मुंबई में तैनात हैं। शुभम की शिक्षा जमा दो तक केंद्रीय विद्यालय से हुई है।
सुलह के विपुल भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट
सुलह क्षेत्र के गांव ठंबा के विपुल मोहन शर्मा ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद प्राप्त कर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। इंडियन मिल्ट्री अकादमी देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड में विपुल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
विपुल ने बताया कि उन्होंने अपनी दसवीं तक शिक्षा माउंट कारमल स्कूल ठाकुरद्वारा से ली। इसके बाद हमीरपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। डीआईटी देहरादून से 2016 में बीटेक करने के बाद भारतीय थल सेना में चयनित हुए।
उनके पिता मौजूदा समय में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कन्या में बतौर अधीक्षक कार्यरत हैं। जबकि माता अंजना शर्मा गृहिणी हैं। विपुल शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।
एनडीए से लाहौल के जिग्मेद बने पहले सेना अधिकारी
पहली बार कोई जनजातीय युवा एनडीए के जरिये सेना में अधिकारी बना है। लाहौल-स्पीति के जिग्मेद दोरजे एनडीए परीक्षा पास कर देहरादून स्थित डिफेंस अकादमी से पासआउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भव्य परेड में जिग्मेद के पिता नोरबू छेरिंग और माता निर्मला देवी ने उनके कंधों पर सितारे लगाए। जमा दो के बाद जिग्मेद का थापर इंजीनियरिंग कॉलेज में चयन हुआ था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ एनडीए ज्वाइन कर लिया।
करीब 4 साल की ट्रेनिंग के बाद शनिवार को उन्होंने लेफ्टिनेंट पद हासिल किया। जिग्मेद ने बताया कि उनके बड़े ओर छोटे दादा दोनों सेना में रहे हैं। दादा से ही सेना में जाने की प्रेरणा मिली है। पिता नोरबू छेरिंग और माता निर्मला का कहना है कि बेटी की कामयाबी पर उन्हें गर्व है। जिग्मेद लाहौल घाटी के छोटे से गांव बिलिंग के रहने वाले हैं।
भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने टुटू के राघव
भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर राघव गुप्ता ने जिले का नाम रोशन किया है। शनिवार को ऑफिसर टेेनिंग अकादमी (ओटीए) गया में पास आउट परेड में राघव गुप्ता भारतीय सेना के लिए पास आउट हुए। राघव की नियुक्ति हैदराबाद के लिए हुई है।
जिला शिमला के टुटू के रहने वाले 21 वर्षिय राघव गुप्ता ने शैक्षणिक पढ़ाई भराड़ी के चैपस्ली स्कूल से की है। 2013 में बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद राघव ने टीइएस की परीक्षा दी। परीक्षा में प्रवेश होने के बाद एसएसबी के लिए चयनित हुआ।
उसके बाद एसएसबी से आर्मी के लिए सेलेक्शन हुआ। चार साल आर्मी में टेनिंग लेने के बाद शनिवार को बिहार के गया में पास आउट परेड के पास आउट हुए। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद राघव की नियुक्ति हैदराबाद के लिए हुई है।
राघव की माता कमल गुप्ता स्कूल में अध्यापिका और पिता संजय गुप्ता बिजनेस मैन हैं, जबकि बहन प्रेरणा गुप्ता दयानंद स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा हैं। इसके अलावा घर में दादा किशोरी लाल और दादी प्रेम लता रहते हैं।
राघव की माता ने कहा कि बेटे राघव को बचपन से ही मेहनती है। उसे बचपन से ही आर्मी आफिसर बनने का शौक रहा है। आर्मी में जाने के लिए राघव के मामा ने बहुत सहयोग किया।
उपमंडल नादौन की कोटला चिल्लियां पंचायत के गांव नघूं के अतुल शर्मा (23) भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। शनिवार को इंडियन मिल्ट्री अकादमी देहरादून में हुई भव्य पासिंग आउट परेड में अतुल सेनाधिकारी बने।
अतुल शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय चेन्नई सैनिक स्कूल और छठी से 12वीं तक की पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में हुई। अतुल ने बीएससी नॉन मेडिकल की पढ़ाई राजकीय महाविद्यालय नादौन से 2015 में की।
बचपन से सैन्य अधिकारी बनने की इच्छा थी, जो 18 महीने के कड़े प्रशिक्षण के बाद पूरी हुई। अतुल के पिता देवराज शर्मा भारतीय नौसेना से पीआरओ स्पेशल के पद से सेवानिवृत्त हैं तथा वर्तमान में राजकीय प्राथमिक पाठशाला बटराण में केंद्र मुख्य शिक्षक हैं। माता लता शर्मा गृहिणी हैं। अतुल ने सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है।