भीषण अग्निकांड में प्रवासी मजदूरों की 18 झुग्गियां राख हो गईं है। इस घटना में मजदूरों का दो लाख रुपये से अधिक नुकसान हुआ है। अग्निकांड जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव मलाहत में पेश आया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। वरना साथ लगती करीब 60 झुग्गियां भी आग की भेंट चढ़ सकती थीं। आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों ने भी काफी प्रयास किए।
हालांकि अभी तक आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं पुलिस ने मामले की आगामी जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात मलाहत गांव में बनी झुग्गियों में मजदूर सो रहे थे कि अचानक एक झुग्गी में आग भड़क गई।
सारा सामान भी चढ़ा आग की भेंट
आग की लपटें देख प्रवासी मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद फौरन मजदूर अपनी जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागे। जैसे-तैसे मजदूरों की जान तो बच गई लेकिन देखते ही देखते मजदूरों की 18 झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं और सारा सामान जलकर राख हो गया।
सूचना मिलते ही एसएफओ रोशन सिंह, लीडिंग फायरमैन कर्मचंद, फायरमैन मनोहर लाल, चालक रामपाल सहित अन्य कर्मी दल बल सहित मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इससे साथ लगती करीब 60 झुग्गियों को आग की चपेट में आने से बचाया गया।
आग में रामनाथ, महेंद्र सिंह, नारायण मंडल, धीरज कुमार, हरिप्रसाद, ललन कुमार, राम परदेश सहित अन्य प्रवासी मजदूरों की झुग्गियां जलकर राख हो गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। अग्निशमन अधिकारी रोशन लाल ने बताया सूचना मिलते ही टीम ने भीषण आग पर काबू पाया और लाखों की संपत्ति को जलने से बचाया।