जानकारी के अनुसार गिरि नदी के बीच टापू में फंसे सालवाला क्षेत्र निवासी कमलेश देवी पत्नी रामलाल, विक्की (12) पुत्र आत्माराम, श्यामलाल, अतो देवी पत्नी श्यामलाल, सद्दाम पुत्र सफरुदीन, आजाद अली पुत्र सफरुदीन, शमशेर पुत्र मुस्तफा और यासीन को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
इस दौरान स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान, कार्यकारी तहसीलदार निहालचंद कश्यप और सिंघपुरा पुलिस चौकी प्रभारी चेतन चौहान पुलिस टीम सहित मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि गुज्जर और स्थानीय लोग मवेशियों को चराने तथा सूखी लकड़ियों को लेने इस टापू की तरफ जाते हैं।
शाम के समय भी ग्रामीण महिलाएं और बच्चे भी टापू पर पहुंचे थे। जिले के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से गिरि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। टापू के चारों तरफ उफनती नदी की लहरों के चलते ग्रामीण बीच में कई घंटों तक फंसे रहे।
इसके बाद लोकल गोताखोर भी रबड़ की ट्यूबों को लेकर रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पानी के तेज बहाव को देखते हुए शाम को देहरादून से एनडीआरएफ की टीम बुलाई। रेस्क्यू टीम ने मिलकर सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शुक्रवार तड़के गिरि नदी के टापू से सभी आठ ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।