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Shimla News: आठ गैस एजेंसियों पर छापा, बिना लाइसेंस वाहनों से बेच रहे सिलिंडर

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एक्सक्लूसिव
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जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई, संजौली, मल्याणा, टुटू, ठियोग, रोहड़ू और रामपुर में दी दबिश
गैस एजेंसियों के लाइसेंस, बिलिंग रिकॉर्ड और टैक्स दस्तावेज सीज

घरेलू दरों पर व्यावसायिक सिलिंडर बेचकर टैक्स चोरी का खुलासा
गो गैस और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम के डीलर भी फंसे
दीपक मेहता
शिमला। राजधानी शिमला सहित जिले के उपमंडलों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और कर चोरी का दोहरा खेल चल रहा है।
जीएसटी विभाग ने आठ गैस एजेंसियों पर एकसाथ छापा मारकर यह खुलासा किया है। विभागीय टीमों को जांच में कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। कार्रवाई के दौरान शिमला में तीन, ठियोग और रामपुर में दो-दो और रोहड़ू में अधिकांश एजेंसियों के पास विस्फोटक लाइसेंस भी नहीं थे। कुछ एजेंसियां गोदाम की जगह वाहनों से ही सिलिंडर बेचती पाई गईं। टीम ने पाया कि व्यावसायिक सिलिंडरों को घरेलू बताकर जीएसटी चोरी की जा रही थी। विभाग ने सभी एजेंसियों के दस्तावेज सीज कर कब्जे में लिए हैं।

जांच के दौरान पाया गया कि कई एजेंसियां विस्फोटक पदार्थों (एक्सप्लोसिव) के लिए आवश्यक लाइसेंस के बिना काम कर रही थीं। इससे न केवल राजस्व की हानि हुई है बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा से भी खिलवाड़ हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिन गैस एजेंसियों पर कार्रवाई हुई, उनके पास गो गैस और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया कंपनी की डीलरशिप तो है, लेकिन आवश्यक लाइसेंस नहीं हैं। एजेंसियां गाड़ी में सिलिंडर ला रहे हैं और गाड़ी से ही बेच रहे हैं। फिलहाल विभाग ने सभी एजेंसियों के लाइसेंस, बिलिंग रिकॉर्ड और टैक्स दस्तावेज सीज कर कब्जे में ले लिए हैं।
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जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त मोहित शुक्ला ने बताया कि गैस एजेंसियों से कब्जे में लिए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित गैस एजेंसियों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार को भी एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है। आने वाले दिनों में अन्य उपमंडलों में भी कार्रवाई की जाएगी। संवाद



यह है पूरा मामला
बीते दिनों राजधानी शिमला में अवैध गैस कारोबार का पर्दाफाश हुआ था। 26 अगस्त और 7 सितंबर को 551 अवैध गैस सिलिंडर पकड़े गए थे। इससे सरकारी राजस्व को हानि हो रही है। इसी के बाद जिला प्रशासन के आदेश पर राज्य कर एवं उत्पाद शुल्क विभाग, (जीएसटी विंग) के संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने जांच और निगरानी के लिए एक विशेष टीम गठित की। इस टीम में एसीएसटीई सुरेंद्र ठाकुर (अध्यक्ष) के साथ मोहित शुक्ला, मोनिका अटेर्या, मुक्ता शर्मा, कुसुमिता कमल और संजना शर्मा शामिल रहीं।
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सरकार को 13 फीसदी जीएसटी का नुकसान
जांच में पता चला कि मल्याणा, टुटू, रोहड़ू और ठियोग में एजेंसियां 19.2 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलिंडर को घरेलू सिलिंडर की दरों पर बेच रही थीं। व्यावसायिक सिलिंडर पर 18 प्रतिशत और घरेलू पर 5 प्रतिशत जीएसटी है। इस तरह सरकार को 13 प्रतिशत टैक्स का सीधा घाटा हो रहा था। विभाग अब इस पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने की तैयारी कर रहा है।
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