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बोरिया बिस्तर समेटा, बोर्ड को आठ करोड़ का 'करंट'

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बरोटीवाला में स्थापित हिमाचल के तीन प्रमुख लोहा उद्योग मंदी के कारण अपना बोरिया बिस्तर तो समेट गए ,लेकिन जाते-जाते बिजली बोर्ड को करंट का झटका दे गए। दिव्य हिमाचल में छपी खबर के मुताबिक ये तीनों उद्योग राज्य विद्युत बोर्ड को लगभग आठ करोड़ का चूना भी लगा गए। ये उद्योग सरिया और चैनल का निर्माण करते थे। वक्त के साथ मंदी व बैंकों की मार ऐसी पड़ी कि इनको मैदान छोड़ना पड़ा और बैंकों ने इनके गेट पर सील तक ठोंक दी।
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पहला उद्योग बुरांवाला स्थित गिलवर्ट इस्पात है, जिसके नियोजकों का कोई अता पता नहीं है और पूरा उद्योग परिसर सुनसान पड़ा है। झाड़माजरी स्थित आरआर कास्टिंग उद्योग का भी ऐसा ही हाल है, जिसके गेट पर बैंक आफ बड़ौदा ने सील लगाकर चौकीदार बिठा रखा है। तीसरा उद्योग सबसे पुराना सरिया उद्योग श्री रामा स्टील है, जिस पर बिजली बिल की सबसे बकाया राशि लंबित है और बैंक की भी करोड़ों की देनदारी है।

वसूली का कोई प्रावधान भी नहीं

कभी इन तीनों उद्योगों की बाजार में तूती बोली थी और यह लोहे को पिघला विभिन्न लौह उत्पादों का निर्माण करते थे, लेकिन आज ये वक्त के सांचे में खुद पिघल कर रह गए और जाते-जाते बिजली बोर्ड के करोड़ों रुपए पर भी पलीता लगा गए। बिजली बोर्ड के आठ करोड़ रुपए अब मिट्टी होते दिख रहे हैं।

यह भारी भरकम बिल तीनों उद्योगों की तालाबंदी से पहले अंतिम एक-दो महीने का है। जैसे ही उद्योग अपना अपना बिल भुगतान करने में नाकाम रहे तो विभाग ने इनके मीटर स्थायी रूप से काट दिए। विभाग के पास इन बिलों को किसी भी तरह से वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है इनकी नाममात्र सिक्योरिटी को काट कर भी भारी भरकम बिल लंबित है।
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रामा स्टील पर सबसे ज्यादा देनदारी

आर-आर का‌स्टिंग कंपनी (बरोटीवाला) पर 2 करोड़ 11 लाख, गिलवर्ट इस्पात कंपनी (बरोटीवाला) पर 2 करोड़ 61 लाख और श्री रामा स्टील कंपनी (बरोटीवाला) पर लगभग 3 करोड़ का बकाया है।

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बद्दी डिवीजन राजीव सूद ने कहा कि तीनों उद्योगों आरआर कास्टिंग, गिलवर्ट इस्पात व श्री रामा स्टील द्वारा अपने बिलों का भुगतान न करने पर इनकी बिजली स्थायी रूप से काट दी गई है और इनको बिल भुगतान का नोटिस दिया गया है।

उन्होंने शीघ्र बिल नहीं भरा तो वसूली के लिए हाई कोर्ट के माध्यम से रिकवरी सूट फाइल की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग अपने बकाया लगभग आठ करोड़ रुपए वसूलने का हरसंभव प्रयत्न कानूनी तरीके से कर रहा है।
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