प्रदेश के तीन जिलों शिमला, सोलन और सिरमौर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा तक के अधिकांश बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं। तीनों जिलों के किसी भी शिक्षा ब्लॉक में 60 फीसदी से ज्यादा बच्चों को ए या बी ग्रेड नहीं मिला है।
सिरमौर के दो शिक्षा ब्लॉकों में तो 60 फीसदी बच्चाें को सबसे न्यूनतम डी और ई ग्रेड मिला है। तीन जिलों के इस जोन में शिमला जिला का कुमारसेन शिक्षा ब्लॉक अव्वल रहा है। यहां 59 फीसदी बच्चों ने ए-बी ग्रेड प्राप्त किया है।
यह खुलासा सर्व शिक्षा अभियान के तहत हर महीने प्रदेश के स्कूलों के किए जाने वाले निरीक्षण के आधार पर तैयार की जाने वाली रिपोर्ट से हुआ है। बीते दिनों हुई जोन वन (शिमला, सोलन, सिरमौर) की समीक्षा बैठक में बताया गया कि 192 स्कूलों में जाकर 11,300 विद्यार्थियों से बात की गई।
700 शिक्षकों से जानकारी ली गई। इस आधार पर बनाई गई रिपोर्ट में सामने आया कि इस जोन के तहत किसी भी शिक्षा ब्लॉक में 60 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों को ए या बी ग्रेड नहीं मिल सका। शिमला के ननखड़ी ब्लॉक, सिरमौर के बकरास, माजरा, सुरला, कफोटा और सोलन जिला के रामशहर और नालागढ़ ब्लॉक में एक तिहाई से अधिक विद्यार्थी ए और बी ग्रेड प्राप्त नहीं कर सके।
सिरमौर के सतौन ब्लॉक में आठवीं कक्षा के 62 फीसदी विद्यार्थियों को विज्ञान विषय और 69 फीसदी विद्यार्थियों को गणित विषय में सबसे न्यूनतम डी और ई ग्रेड मिला। जिला उपनिदेशकों की अगुवाई में बीआरसी और बीओ ने स्कूलों में जाकर बच्चों का ज्ञान जांचते हुए रिपोर्ट तैयार की है।