जहां शिक्षक को भेज दिया जाता था, वहीं अपनी सेवाएं देते थे। अब तो शिक्षक तबादलों के लिए सचिवालय के चक्कर काटते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यालय और घर में अधिकांश लोग तबादलों को लेकर ही आते हैं। ट्रांसफर एक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि अभी इस बाबत कोई योजना नहीं है।
सभी हितधारकों के साथ चर्चा की जाएगी। उसके बाद ही तबादलों के लिए कोई एक्ट या नीति बनाई जाएगी। कहा कि ट्रांसफर एक्ट बनाना मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं देने को शिक्षक तैयार नहीं है।
ठियोग से ऊपर स्थित अधिकांश स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से गुणात्मक शिक्षा देने का आह्वान किया और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने पर बल दिया।