उन्होंने कहा कि एसएमसी शिक्षक जहां पढ़ा रहे हैं, वहां नियमित शिक्षक की नियुक्ति न की जाए, इस पर भी विचार किया जाएगा। इन अध्यापकों को अवकाश व अन्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए विभाग से बात कर जल्द नीति बनाई जाएगी। शिक्षकों को सिर्फ उनकी काबिलियत को याद दिलाने मात्र का असर इस बार के बारहवीं व दसवीं के परीक्षा परिणामों बच्चों के टॉपर होने से दिखा है।
समारोह में कृषि मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा ने कहा कि एसएमसी भर्ती नीति भाजपा के पूर्व शासनकाल में शुरू की गई थी। एसएमसी अध्यापक शिक्षा की ओर भी विशेष ध्यान दें। कार्यक्रम में चौपाल क्षेत्र के विधायक बलवीर वर्मा, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव तथा प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा,
एसएमसी संघ के अध्यक्ष रोशन चिंटा, पार्षद डॉ. किमी सूद, प्रदेश सचिव भाजपा शशिबाला, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरदेव, ओएसडी मामराज पुंडीर, एसएमसी प्रदेश संघ के पदाधिकारी तथा सदस्य उपस्थित थे।