प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह से घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान उनसे मामले से जुड़े हर पहलू के बारे में सवाल पूछे गए।
उधर, प्रतिभा सिंह ने भी सवालों का सामना करते हुए इनका जवाब दिया है। ईडी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इससे पहले जांच एजेंसी ने जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए समन भेजा था।
उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए दो बार ईडी के समक्ष पेश होने से छूट की मांग की थी और दिल्ली हाईकोर्ट का रुख भी किया ताकि मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाए।
सोमवार को ईडी ने हाईकोर्ट से कहा कि फिलहाल प्रतिभा को गिरफ्तार करने की उसकी मंशा नहीं है। इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि एलआईसी एजेंट आनंद चौहान द्वारा इस मामले किए गए कुछ खुलासे के बाद आगे की जांच के लिए मुख्यमंत्री की पत्नी से पूछताछ जरूरी है।
इस मामले में हो चुकी है बीमा एजेंट की गिरफ्तारी
मालूम हो कि पिछले महीने ही चौहान को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले जांच एजेंसी ने वीरभद्र सिंह की करीब आठ करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली थी। सिंह ने खुद और अपने परिवार की किसी गलती से इनकार किया है।
गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में वीरभद्र सिंह के खिलाफ मामला चल रहा है और ईडी वीरभद्र सिंह व उनके परिवार से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है। पिछले साल सितंबर में इस सिलसिले में सीबीआई द्वारा दर्ज शिकायत का संज्ञान लेते हुए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आपराधिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।
इसने इस मामले में पिछले वर्ष दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की थी। बताया जाता है कि वर्ष 2009 से 2011 के बीच उनके पास ज्ञात स्रोतों से 6.1 करोड़ रुपये अधिक पाए गए। ईडी का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने काले धन को भारतीय जीवन बीमा निगम की पालिसियों में खपाया।
वीरभद्र के बीमा एजेंट की न्यायिक हिरासत 22 तक बढ़ी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत सीबीआई अदालत ने मंगलवार को 22 अगस्त तक बढ़ा दी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे आठ जुलाई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। चौहान की जमानत याचिका कोर्ट में लंबित है और ईडी ने बहस के लिए समय मांगा है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार के समक्ष चौहान को न्यायिक हिरासत पूरी होने पर मंगलवार को पेश किया गया। चौहान की जमानत याचिका पर 16 अगस्त को सुनवाई होनी है।
ईडी ने जमानत याचिका पर 19 जुलाई को अपना जवाब दाखिल कर अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चौहान ने वीरभद्र सिंह की अघोषित आय को जीवन बीमा में लगवाया और उसके खातों में हेरफेर कर उसके पैसे को खातों में दिखाया।
चौहान पर आरोप है कि उसने वीरभद्र के काले धन के करीब पांच करोड़ रुपये एलआईसी की बीमा पॉलिसी में निवेश करवाए। उसने वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व अन्य परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी में निवेश करवाया।
ईडी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए करीब छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी जो उनकी घोषित आय से अधिक थी।