काले धन के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में एक फार्महाउस को अटैच कर लिया है। दक्षिण दिल्ली के महरौली स्थित वीरभद्र के इस फार्म हाउस का बाजार मूल्य 27.29 करोड़ रुपये है।
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारक कानून (पीएमएलए) के तहत की गई है। ईडी से मिली जानकारी के मुताबिक खातों में इसकी कीमत 6.61 करोड़ रुपये दिखाई गई है, जबकि इसका बाजार भाव 27.29 करोड़ रुपये है। यह संपत्ति मैपल डेस्टिनेशन एंड ड्रीमबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत है।
ईडी की यह कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की तरफ से वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति हासिल करने के मामले में आरोप पत्र दायर करने के बाद हुई है। उल्लेखनीय है कि ईडी ने 27 अक्तूबर 2015 को सीबीआई की एक
प्राथमिकी के आधार पर मुख्यमंत्री सिंह और अन्य के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के तहत आपराधिक मामला दायर किया था। सीबीआई की चार्जशीट में वीरभद्र और उनकी पत्नी तथा अन्य के खिलाफ आय के अज्ञात स्रोतों से 10 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति जुटाने का जिक्र किया गया था।
जिस कंपनी के नाम फार्म हाउस विक्रमादित्य हैं उसके निदेशक
ईडी की जांच में ही पता चला कि दिल्ली के डेरा मंडी गांव में 3ई के पते से जो फार्म हाउस खरीदा गया है, उसमें वीरभद्र सिंह ने निवेश किया है। हालांकि यह मैपल डेस्टिनेशन एंड ड्रीमबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत है। इस कंपनी में सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह और पुत्री नाबालिग शेयरधारक के रूप में निदेशक हैं।
हालांकि कांग्रेस ने सीबीआई की चार्जशीट के बावजूद हिमाचल के मुख्यमंत्री को हटाने से इनकार किया है। पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने पिछले हफ्ते कहा था कि यह मामला राजनीतिक बदले की कार्रवाई है और इससे लड़ते हुए मुख्यमंत्री विजयी होंगे। भाजपा ने वीरभद्र सिंह को ‘भ्रष्टाचार का प्रतीक’ करार देते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। हिमाचल प्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सहित नौ लोगों के खिलाफ दायर चार्जशीट पर सुनवाई 6 अप्रैल तक के लिए टल गई। संबंधित न्यायाधीश के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई नहीं हो पाई। वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल के समक्ष दायर आरोप पत्र में वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंद्र सिंह घट्टा, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वकामुल्ला चंद्रशेखर व राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया गया है।
सीएम वीरभद्र सिंह ने चेन्नई में करवाया आंखों का चेकअप
सीएम वीरभद्र सिंह ने सोमवार को चेन्नई में आंखों का चेकअप करवाया। वे दक्षिणी चेन्नई के एक जाने-माने अस्पताल में इलाज करवाने गए हैं। सीएम वीरभद्र सिंह के साथ उनकी धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह, उनके प्रधान सलाहकार टीजी नेगी, उनके चिकित्सक डा. प्रेम मच्छान भी हैं। सीएम मंगलवार को चेन्नई से वापस लौट सकते हैं।