नोटबंदी की वजह से असंगठित क्षेत्रों में लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनकी मांगों को पूरा न किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मांगे
स्थायी रोजगार का प्रबंध करना, ठेका प्रणाली और आउटसोर्स बंद करना
आउटसोर्स कर्मियों को नियमित करना, हिमाचल का फौज में स्पेशल भर्ती कोटा बहाल करना
रिक्त पदों पर नियुक्तियां, हिमाचल में उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार स्थानीय युवाओं को मिले
सभी कर्मचारियों को सरकारी मापदंडों के अनुसार वेतन सरकार के माध्यम मिले
प्रस्तावित बस किराया बढ़ोतरी वापस लेना, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के बढ़े दाम वापस लेना