भुंतर स्थित कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट में अब धुंध और बारिश में भी हवाई जहाज उतर सकेंगे। कम बिजिविलिटी से निपटने के लिए भुंतर हवाई अड्डे में डीवीओआर टावर (Doppler Very High Frequency Omni Range) लगाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए जमीन उपलब्ध करवा दी है और भुंतर एयरपोर्ट प्रबंधक को एनओसी भी दे दिया है।
अथॉरिटी अब टावर लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में जुट गया है। वर्ष 2006 से चल रही टावर लगाने की प्रक्रिया करीब दस साल बाद पूरी होगी। भुंतर हवाई अड्डा के निदेशक एएन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। शिमला के बाद भुंतर एयरपोर्ट इस सुविधा से जुड़ेगा। शर्मा ने
कहा कि डीवीओआर टावर लगने से भुंतर हवाई अड्डा में धुंध और बारिश होने पर भी हवाई जहाज लैंडिंग के साथ उड़ान भी भर सकेंगे। टावर लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने मंजूरी देकर जमीन का एनओसी दे दिया है। उन्होंने कहा कि अथॉरिटी टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने में लगा है। जल्द ही टेंडर आवंटित कर टावर के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
कम बिजिविलिटी में नहीं होती लैंडिंग
भुंतर एयरपोर्ट में कम बिजिविलिटी की समस्या से हवाई उड़ान को लैंडिंग करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। धुंध व बारिश होने पर कई बार जहाज की भुंतर में लैंडिंग नहीं हो पाती है और जहाज को चंडीगढ़ में उतारा जाता है। भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक एएन शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट में धुंध का काफी प्रकोप रहता है। ऐसे में डीवीओआर टावर से समस्या नहीं होगी।