जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन लूहरी परियोजना का कार्य ठप
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ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के चलते पहाड़ों में बर्फ तेजी से पिघल रही है। लगातार चढ़ रहे पारे से हिमालय की गोद से निकलने वाली सतलुज नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन की 210 मेगावाट की लूहरी जल विद्युत परियोजना का कार्य जलस्तर बढ़ने से रुक गया है। परियोजना निर्माण में जुटे तीन सौ से अधिक मजदूरों की छंटनी कर दी गई है। अब अगले तीन माह तक परियोजना का निर्माण कार्य ठप रहेगा। ऐसे में परियोजना निर्माण की समयावधि भी बढ़ सकती है। मई में ही नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। ऐसे में सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लूहरी हाइड्रो विद्युत प्रोजेक्ट चरण एक का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है।
बीते वर्ष भी मई में नदी का जलस्तर बढ़ गया था और परियोजना का कार्य ठप हो गया था। परियोजना को काफी भी नुकसान हुआ था। इस वर्ष भी जलस्तर बढ़ने से कार्य ठप हो गया। पटेल इंजीनियरिंग परियोजना प्रमुख रविंद्र कुमार अग्रवाल और सहायक परियोजना प्रमुख अजय बरबाल ने कहा कि पांच से ज्यादा डिवेट्रिंग पंप कोफर डैम में करोड़ों का सरिया और रास्ते डूब गए हैं। अब अगले तीन माह तक परियोजना का निर्माण कार्य रोकना पड़ रहा है। परियोजना निर्माण में लगे मजदूरों की छंटनी की गई है। उधर, लुहरी जल विद्युत परियोजना के एचआर एडमिन राजिंदर चौहान का कहना है कि हिमालय पर ग्लेशियर पिघलने से सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गर्मी अधिक होने से इस बार नदी का जलस्तर जल्दी ही बढ़ गया है, जिससे परियोजना का कार्य रोकना पड़ा है।