इसके बावजूद बारिश और भूस्खलन का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो पूरा गांव भूस्खलन की चपेट में आ जाएगा। भूमि धंसाव के कारण स्थानीय निवासी कृष्ण दास, सूरत सिंह और मीना लाल की उपजाऊ जमीन पूरी तरह से चपेट में आ गई है, जबकि गांव के ऊपर स्थित पहाड़ धीरे-धीरे नीचे की तरफ धंस रहा है। अगर समय रहते भूस्खलन नहीं रूका तो पूरे गांव पर खतरा मंडरा सकता है। वहीं क्षेत्र के लिए जाने वाली सड़क भी भारी बारिश के कारण कई जगह से धंस गई है। क्षेत्र में रोजाना बारिश हो रही है। इससे पैदल चलने वाले रास्ते भी ध्वस्त हो गए हैं। रास्तों में मलबा ही मलबा भर गया है। गांव का प्राकृतिक पेयजल स्रोत भी भूस्खलन की जद में आ गया है। स्थानीय निवासी चुन्नी लाल ने अपना घर खाली कर दिया है, जबकि कृष्ण दास का घर भी खतरे की जद में है। ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। वहीं सानी गांव के बीरचंद सानी का घर भी भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। पंचायत प्रधान दरकाली गुलजारी लाल सानी ने कहा कि शरनाल गांव के ऊपर भारी भूस्खलन हो रहा है। जमीन लगातार खिसक रही है। इस वजह से ग्रामीण डर के साये में जी रहे हैं।