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Landslides in Himachal: निरमंड में भारी बारिश से दो मंजिला मकान जमींदोज, दरकाली के शरनाल गांव में धंस रही जमीन

Tue, 01 Aug 2023 07:11 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, ब्रौ (रामपुर बुशहर)

सार

प्रदेश के जिला कुल्लू में भारी बारिश से हो रही तबाही का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा। बीती सोमवार रात को निरमंड उपमंडल के शरकोटी गांव में एक दो मंजिला मकान जमीन धंसने के कारण जमींदोज हो गया।
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भारी बारिश से दो मंजिला मकान जमींदोज। - फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में भारी बारिश से हो रही तबाही का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा। बीती सोमवार रात को निरमंड उपमंडल के शरकोटी गांव में एक दो मंजिला मकान जमीन धंसने के कारण जमींदोज हो गया। इससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं, इसके साथ लगते घर को भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को फौरी राहत जारी की है।  निरमंड उपमंडल में भारी बारिश से जहां सरकारी संपत्ति को करोड़ों की क्षति पहुंची है, वहीं निजी संपत्ति को भी खासा नुकसान हुआ है। निरमंड नगर पंचायत के साथ के शरकोटी गांव में बीते कई दिनों से जमीन धंसने का सिलसिला चल रहा है। इस कारण इसकी चपेट में गांव के दो मकान आ गए थे। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने इन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया था और मकानों को खाली करवा दिया था। सोमवार रात करीब 9:00 बजे राजकुमार शर्मा का घर भूमि धंसाव की चपेट में आने से जमींदोज हो गया।

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जीवन भर की गाढ़ी मेहनत से तैयार किया मकान पलभर में ही मलबे के ढेर में तबदील हो गया। इसके अलावा साथ लगते बहुमंजिला भवन को भी भूमि धंसने से खतरा बना हुआ है। जबकि निरमंड मुख्य बाजार में संगीता शर्मा का दो मंजिला मकान भी खतरे की जद में आ गया है। मकान के आगे लगा डंगा धंस गया है, जिस कारण मकान में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। प्रशासन ने असुरक्षित मकानों को खाली करवाने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि जानमाल की हानि से बचा जा सके। वहीं, उपमंडल के कई अन्य इलाकों में भी बारिश ने अपना कहर बरपाया है। बारिश के कारण कई घरों को खतरा बना हुआ है। एसडीएम मनमोहन सिंह ने बताया कि शरकोटी में एक दो मंजिला मकान जमीन धंसने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। असुरक्षित बने इस मकान और साथ लगते मकान को पहले ही खाली करवा दिया गया था। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को फौरी राहत और तिरपाल मुहैया करवा दिए गए हैं।

दरकाली के शरनाल गांव में धंस रही भूमि, गांव पर मंडराया खतरा
उधर, रामपुर उपमंडल की तकलेच उपतहसील में भारी बारिश से खासा नुकसान पहुंचा है। अब क्षेत्र के दरकाली पंचायत के शरनाल गांव पर भूमि धंसने से पूरे गांव पर खतरा मंडरा रहा है। इसमें ग्रामीणों के सैकड़ों सेब के पौधे और उपजाऊ भूमि भूस्खलन की चपेट में आने से बर्बाद हो गई है, जबकि अब गांव को खाली करने की नौबत आ गई है। इस वजह से दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। दरकाली पंचायत बीते एक माह से यातायात के लिए ठप है। इस कारण ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। गौर हो कि तकलेच उपतहसील की दुर्गम पंचायत दरकाली पंचायत का शरनाल गांव लगातार धंस रहा है। भूमि धंसाव के कारण ग्रामीणों के सैकड़ों सेब के पौधे जमींदोज हो गए हैं। वहीं उनकी उपजाऊ जमीन भी भूस्खलन की चपेट में आने से तबाह हो गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से आ रहे पानी को ग्रामीण जैसे तैसे दूसरी दिशा के लिए मोड़ रहे हैं।

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इसके बावजूद बारिश और भूस्खलन का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो पूरा गांव भूस्खलन की चपेट में आ जाएगा। भूमि धंसाव के कारण स्थानीय निवासी कृष्ण दास, सूरत सिंह और मीना लाल की उपजाऊ जमीन पूरी तरह से चपेट में आ गई है, जबकि गांव के ऊपर स्थित पहाड़ धीरे-धीरे नीचे की तरफ धंस रहा है। अगर समय रहते भूस्खलन नहीं रूका तो पूरे गांव पर खतरा मंडरा सकता है। वहीं क्षेत्र के लिए जाने वाली सड़क भी भारी बारिश के कारण कई जगह से धंस गई है। क्षेत्र में रोजाना बारिश हो रही है। इससे पैदल चलने वाले रास्ते भी ध्वस्त हो गए हैं। रास्तों में मलबा ही मलबा भर गया है। गांव का प्राकृतिक पेयजल स्रोत भी भूस्खलन की जद में आ गया है। स्थानीय निवासी चुन्नी लाल ने अपना घर खाली कर दिया है, जबकि कृष्ण दास का घर भी खतरे की जद में है। ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। वहीं सानी गांव के बीरचंद सानी का घर भी भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। पंचायत प्रधान दरकाली गुलजारी लाल सानी ने कहा कि शरनाल गांव के ऊपर भारी भूस्खलन हो रहा है। जमीन लगातार खिसक रही है। इस वजह से ग्रामीण डर के साये में जी रहे हैं।
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