पुलिस ने इस साल एनडीपीएस के करीब 225 मामले दर्ज किए हैं। इसमें 504 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें 19 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिले में महिलाएं नशा तस्करी में बड़े स्तर पर शामिल हो सकती हैं। इसको लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। हाल ही में शिमला पुलिस के स्पेशल सेल ने बालूगंज थाना के तहत पांवटा साहिब से आ रही बस की तलाशी ली तो इसमें दो महिलाओं को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। इन महिलाओं के कब्जे से 8.330 ग्राम चिट्टा बरामद किया। यह महिलाएं शहर के युवाओं को नशा बेचने के अवैध कारोबार से जुड़ी थीं।
दोनों दूसरे राज्यों से नशा लेकर यहां बेचती थीं। जुलाई में रामपुर के भद्राश में पुलिस ने एक युवक और युवती को करीब 87 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इसमें आरोपी युवक हरियाणा के कैथल का रहने था जब युवती किन्नौर की थी। पुलिस जांच के मुताबिक दोनों नशा तस्करी के कारोबार से जुड़े थे। इसी तरह 20 अगस्त को पुलिस ने आईजीएमसी कैंसर अस्पताल के पास करीब 1.100 किलोग्राम चरस के साथ करसोग की महिला समेत एक युवक को गिरफ्तार कर चुकी है। नशे की खेप बुजुर्ग महिला लेकर आई थी और यहां बेचने की फिराक में थी। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। ननखड़ी में भी चिट्टा तस्करी के एक नेटवर्क में भी पुलिस महिला को गिरफ्तार कर चुकी है।
जिले को बनाएंगे ड्रग फ्री
नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने मिशन क्लीन चलाया है। इसके तहत जिले को ड्रग फ्री बनाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। नशा तस्करी में पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी शामिल हैं। मामलों को पकड़ने के लिए पुलिस नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। लोगों से अपील की है कि नशा तस्करी के बारे में पुलिस से सूचना साझा करें।-संजीव कुमार गांधी, एसपी शिमला
महिलाओं पर कम होता है तस्करी का शक
पुलिस का मानना है कि महिलाओं पर तस्करी का शक कम होता है। इसलिए तस्कर महिलाओं को अपने झांसे में लेकर नशे के धंधे को अंजाम दे रहे हैं। नशा तस्करी में महिलाओं की संलिप्तता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोटखाई में सालों से नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहे रंजन गिरोह से जुड़ी तीन महिलाओं को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें दो युवतियां निजी विश्वविद्यालय में पढ़ाई करती थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना बड़ी चालाकी से इस पूरे नेटवर्क को अंजाम दे रहा था। वह दूसरों के बैंक खातों का नशे की खरीद फरोख्त के लिए इस्तेमाल करता था।
कैथू और कंडा जेल में 13 महिलाएं
कैथू और कंडा जेल में बड़ी संख्या में नशा तस्करी के कैदी बंद हैं। पुलिस के मुताबिक इसमें कैथू जेल में वर्तमान में 280 कैदी हैं। इसमें 8 महिलाएं एनडीपीएस एक्ट के मामलों में बंद हैं। कंडा जेल में कैदियों को रखने क्षमता 500 के करीब है। इसमें विचाराधीन ओर सजायाफ्ता कैदी शामिल हैं। इसमें पांच महिलाएं नशा तस्करी के मामलों में विचाराधीन कैदी और बंदी के रूप में बंद हैं। अधिकतर महिलाओं को पैसा का झांसा देकर इस धंधे में लाया गया था।