ऊना। जिला ऊना के पंजाब की सीमा से सटे इलाकों में नशा तस्करी, अवैध खनन सहित अन्य अवैध गतिविधियों पर जल्द लगाम लगेगी। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए जिला पुलिस ने कदमताल तेज कर दी है। जल्द ही सीमावर्ती पांच स्थानों पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट तैयार की जाएंगी, जिनमें पुलिस, वन, खनन और आबकारी विभाग के कर्मचारी एकसाथ बैठकर वाहनों की निगरानी करेंगे।
जानकारी के अनुसार जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों मैहतपुर, पोलियां, मरवाड़ी, पंडोगा और गगरेट के आशादेवी में सभी विभाग अपने स्तर पर अलग-अलग तरीकों से वाहनों की आवाजाही और अन्य गतिविधियों पर नजर रखते हैं। ऐसे में सीमाओं पर विभागों की चौकसी एक-दूसरे के भरोसे भी रहती है। इससे माफिया को विभिन्न रास्तों से जिला ऊना में घुसने का मौका मिल जाता है।
हालांकि सभी विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई तो करते हैं, मगर बीते दिनों में कुछ ऐसे बड़े मामले पकड़ में आए, जिन्होंने सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब पुलिस विभाग ने पड़ोसी राज्य पंजाब को जोड़ने वाले मुख्य सड़क मार्गों पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट स्थापित करने एक प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सीमाओं पर एक ही चेक पोस्ट बनेगी, जहां पुलिस समेत अन्य विभाग के कर्मचारी भी बैठेंगे।
कई बार सतर्कता को लेकर उठ चुके हैं सवाल
अगस्त 2023 में गगरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध तरीके से लकड़ी लेकर जाते हुए 28 गाड़ियां जब्त की थीं। इस मामले के बाद यह भी सामने आया था कि ऐसा पहली बार नहीं कि इतने बड़े स्तर पर लकड़ी प्रदेश से बाहर जा रही थी। वह भी तब, जब सीमा पर वन विभाग की चेक पोस्ट है। मामले के उजागर होने के बाद वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे। इससे पहले भी गगरेट में ही जून माह में लकड़ी का एक बड़ा डंप पकड़ा गया था। वहीं दवा, हेरोइन, शराब की तस्करी सहित ऐसे कई मामले हैं, जिनमें विभिन्न विभागों पर सवाल उठते हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऊना प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक हैं। ऐसे में यहां हर प्रवृति के लोग घूम रहे हैं। जरूरी हो चुका है कि सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाए। वर्तमान में सभी विभाग के कर्मी अलग-अलग स्थानों पर चेक पोस्ट बनाकर बैठे हैं, जिन्हें एक स्थान पर होना चाहिए। इसको लेकर सरकार ने समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। उम्मीद है जल्द इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
- अर्जित सेन ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, ऊना।