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नासूर बना नशा: पिता बेचता रहा चिट्टा, बेटे खरीदते रहे... लत ने छीनी एक की जान

Sun, 21 Jun 2026 09:10 AM IST
Krishan Singh संजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।

सार

नशा अब केवल व्यक्तियों को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवारों और रिश्तों को भी निगल रहा है। कहीं पिता के नशे के धंधे ने बेटे की जान ले ली, तो कहीं बेटे की नशे की लत ने पिता को मौत के मुंह तक पहुंचा दिया। किसी का वैवाहिक जीवन बिखर गया तो किसी मां ने अपना जवान बेटा खो दिया। चिंता की बात यह है कि डॉक्टर, पुलिस कर्मी, पटवारी, क्लर्क और आम पुरुष-महिलाओं के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी चिट्टा जैसे घातक नशे की चपेट में आ रहे हैं।
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चिट्टा(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली के सीमावर्ती क्षेत्र का एक व्यक्ति करीब 30 वर्षों तक नशा तस्करी से जुड़ा रहा। उसने अफीम, भुक्की और चूरा-पोस्त जैसे नशीले पदार्थों का धंधा किया। इसी दौरान उसका परिवार बसा और दो बेटे हुए। पिता को नशा बेचते और स्वयं सेवन करते देख दोनों बेटे भी नशे की गिरफ्त में आ गए। समय के साथ दोनों बेटों को चिट्टे की लत लग गई। पिता बाहर नशा बेचता रहा और बेटे इसे खरीदकर सेवन करते रहे। नशे की बढ़ती लत ने एक बेटे की जान ले ली। उसका शव एक सुनसान स्थान से बरामद हुआ। जांच में भी सामने आया था कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई थी। परिवार की त्रासदी यहीं नहीं रुकी। दूसरा बेटा आज भी चिट्टा तस्करी में कथित रूप से संलिप्त बताया जाता है। वहीं, नशे के कारोबार से जुड़े इस व्यक्ति को भी हरोली पुलिस ने मकोड़गढ़ क्षेत्र में गिरफ्तार किया था। उसके ठिकाने पर छापेमारी के दौरान नशीला पदार्थ बरामद हुआ था। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि अब उसने तस्करी छोड़ दी है, लेकिन नशे की लत आज भी उसका पीछा नहीं छोड़ रही। उल्लेखनीय है कि हरोली क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान चार युवकों की नशे की ओवरडोज से मौत हो चुकी है। हीरां थड़ा, बीटन और गोंदपुर बुल्लां क्षेत्रों में नशे का जाल तेजी से फैल रहा है।

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नशेड़ी बेटे की वजह से टूटा परिवार, पिता की हुई मौत, पत्नी ने भी छोड़ा साथ

अंब उपमंडल के एक ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित युवक की नशे की लत ने पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया। युवक विद्युत बोर्ड में कार्यरत है। परिवार की क्षेत्र में अच्छी प्रतिष्ठा रही है। पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे जबकि छोटा भाई अभी भी सेना में कार्यरत है। युवक तकनीकी शिक्षा के लिए बाहरी राज्य गया, जहां वह नशे की चपेट में आ गया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे विद्युत बोर्ड में नौकरी मिल गई, लेकिन नशे की लत इतनी बढ़ गई कि वह अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए विभागीय सामान की चोरी करने लगा। कई बार वह चोरी करते हुए पकड़ा गया। परिवार ने स्थिति सुधारने की उम्मीद में उसकी शादी करवा दी, लेकिन पत्नी को जब पति की नशे की लत के बारे में पता चला तो उसने उससे दूरी बना ली। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों का तलाक हो गया। बेटे की बिगड़ती हालत, वैवाहिक जीवन के टूटने और लगातार तनाव ने पिता को भीतर तक तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार इसी मानसिक आघात के बीच उनकी मृत्यु हो गई।
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