अंब उपमंडल के एक ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित युवक की नशे की लत ने पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया। युवक विद्युत बोर्ड में कार्यरत है। परिवार की क्षेत्र में अच्छी प्रतिष्ठा रही है। पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे जबकि छोटा भाई अभी भी सेना में कार्यरत है। युवक तकनीकी शिक्षा के लिए बाहरी राज्य गया, जहां वह नशे की चपेट में आ गया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे विद्युत बोर्ड में नौकरी मिल गई, लेकिन नशे की लत इतनी बढ़ गई कि वह अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए विभागीय सामान की चोरी करने लगा। कई बार वह चोरी करते हुए पकड़ा गया। परिवार ने स्थिति सुधारने की उम्मीद में उसकी शादी करवा दी, लेकिन पत्नी को जब पति की नशे की लत के बारे में पता चला तो उसने उससे दूरी बना ली। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों का तलाक हो गया। बेटे की बिगड़ती हालत, वैवाहिक जीवन के टूटने और लगातार तनाव ने पिता को भीतर तक तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार इसी मानसिक आघात के बीच उनकी मृत्यु हो गई।