चंबा-जोत मार्ग पर भटालवां नाले के पास मलबे में दबे ऑपरेटर और पोकलेन का 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका है। बारिश ने बचाव कार्य को बाधित किया। एनडीआरएफ की टीम मशीनरी सहित यहां डटी है।
लाइफ डिटेक्टर मशीन से भी एनडीआरएफ टीम सही लोकेशन जानने का प्रयास कर रही है। बुधवार देर शाम बारिश का क्रम शुरू हो गया। भारी बारिश के दौरान देर रात 11:30 बजे तक एनडीआरएफ टीम डटी रही। बारिश ज्यादा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।
बारिश पूरी रात जारी रही। बावजूद सुबह पांच बजे फिर से एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मंगलवार रात मार्ग पर भटालवां नाला के समीप पहाड़ी से पहाड़ दरक गया। इसकी चपेट में पोकलेन मशीन और ऑपरेटर सहित एक पिकअप आ गई थी।
पिकअप का चालक घायल हो गया था। जबकि पोकलेन मशीन और ऑपरेटर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने मलबा हटाने का कार्य शुरू किया, साथ ही एनडीआरएफ की टीम को सूचना दी।
बुधवार पूरा दिन टीम जुटी रही, लेकिन शाम तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी। बारिश के कारण रेस्कयू ऑपरेशन करीब साढ़े पांच घंटे प्रभावित हुआ। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता जीत सिंह ठाकुर का कहना है कि एनडीआरएफ टीम मौके पर जुटी हुई है।
अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। एसडीएम चंबा दीप्ति मंढ़ोत्रा का कहना है कि बुधवार रात साढ़े ग्यारह बजे तक रेस्कयू ऑपरेशन जारी रखा गया। बारिश की वजह से ऑपरेशन रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि सुबह पांच बजे से टीम डटी हुई है।