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Shimla News: ट्रैक पर पत्थर आता देख चालक ने लगाई ब्रेक, बाल-बाल बचे 107 यात्री

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कैथलीघाट-कनोह रेलवे स्टेशन के बीच हुआ भारी मात्रा में भूस्खलन
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यात्रियों को बसों के माध्यम से पहुंचाया कालका, हावड़ा भी हुई लेट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कालका-शिमला विश्व धरोहर रेल ट्रैक पर शनिवार देर रात चालक की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। कनोह और कैथलीघाट रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर पत्थर गिरते देख चालक ने तुरंत आपात ब्रेक लगा दिए। इससे ट्रेन समय रहते रुक गई और सभी 107 यात्री सुरक्षित बच गए।
शनिवार को शिमला-कालका शिवालिक एक्सप्रेस (52452) निर्धारित समय पर शिमला से रवाना हुई थी। शाम 3:29 बजे ट्रेन कैथलीघाट रेलवे स्टेशन से कनोह की ओर चली। कनोह स्टेशन से कुछ किलोमीटर पहले चालक ने ट्रैक पर पत्थर गिरते देख तुरंत ब्रेक लगा दिए। इसके बाद ट्रेन करीब दो घंटे तक जंगल क्षेत्र में ही खड़ी रही।
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बाद में दूसरे इंजन की मदद से ट्रेन को वापस कैथलीघाट लाया गया। वहां से यात्रियों को बसों के माध्यम से कालका रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया। इनमें 97 यात्रियों को कालका पहुंचाया गया, जबकि अन्य 10 यात्रियों को रास्ते में उनके गंतव्य के अनुसार उतारा गया।
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कई यात्रियों को कालका से हावड़ा जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी। इसे देखते हुए 13052 कालका-हावड़ा मेल को एक घंटे की देरी से रवाना किया गया, ताकि यात्री उसमें सवार हो सकें। रेल मंडल अंबाला के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशनजीत सिंह ने बताया कि चालक ने समय रहते ट्रैक पर पत्थर गिरते देख ट्रेन रोक दी, जिससे संभावित हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया और उनके लिए खाने-पीने की भी व्यवस्था की गई।
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