उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में डिपुओं में मिलने वाले आटे में चोकर की मात्रा अधिक की शिकायत मिल रही हैं। छह प्रतिशत से अधिक चोकर की शिकायतों की जांच करवाई जाएगी। पीडीएस डिपुओं में मिलने वाला राशन में सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन है। इसमें फोर्टिफाइड शामिल होता है। लोगों में फोर्टिफाइड के संबंध में जागरूता की कमी है। इस पर काम करने की जरूरत है। आयोग ने डिपुओं में पड़ी पुरानी मशीनों को बदलने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही प्रदेश के सभी डिपुओं में नई मशीनें पहुंचा दी जाएंगी, ताकि नेटवर्क व सर्वर परेशानी की वजह से डिपोधारकों और उपभोक्ताओं को दिक्कतों को सामना न करना पड़े। इसके अलावा राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष ने कहा कि बीते 12 दिसंबर को उन्होंने बल्ह घाटी में दौरा निगम के गोदाम से एक आटे सैंपल भरवाया और जांच के लिए लैब भेजा है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में एडवांस राशन की खेप पहुंचा दी गई है ताकि सर्दियों के मौसम में उपभोक्ताओं भरपूर मात्रा में राशन मिल सके। प्रेसवार्ता में उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तीन माह का आंकड़ा भी रखा। इस मौके पर एरिया मैनेजर संजीव शर्मा और खाद्य आपूर्ति अधिकारी पवन शर्मा मौजूद रहे।