शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा ने सोमवार को बॉयोसाइंस विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राजेश जरयाल की संपादित पुस्तक पर्यावरण अंतःस्रावी विशाक्त पदार्थ है का विमोचन किया। डॉ. जरयाल ने किंग अब्दुल अजीज विश्वविद्यालय, सऊदी अरब और गुरु घासी दास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिकों के सहयोग से इस पुस्तक को संपादित किया है। पुस्तक पर्यावरणीय अंतःस्रावी व्यवधानों का वर्णन करती है जो मानव शरीर क्रिया विज्ञान को खतरे में डालते हैं। प्रति कुलपति प्रो. वर्मा ने राजेश जरयाल को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। संवाद