यदि कांग्रेस विकास के दावों को अमलीजामा पहनाती तो आज समस्या गंभीर नहीं होती। कांग्रेस नेताओं को परामर्श दिया कि आमजन से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर राजनीति करने न की जाए, बल्कि सरकार के प्रयत्नों में शामिल हों।
उन्होंने कहा कि शहर सहित प्रदेश के विभिन्न नगरों के लिए ठोस जलापूर्ति की योजनाएं न बनाने के कारण ही आज स्थिति इतनी विकट हुई है। उन्होंने कहा कि सर्दियों में न के बराबर बर्फबारी होने और कम
बारिश से विभिन्न पेयजल स्रोत सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस कारण भूजल में भी गिरावट आई है। ऐसी परिस्थिति में पेयजल की कमी ने सभी को चिंतित किया है।