हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक हमीरपुर में हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान डॉ. जीवानंद चौहान ने की। बैठक में डॉक्टरों पर हो रहे हमलों की निंदा की गई। साथ ही संघ ने चिड़गांव हादसे और रिवालसर सीएचसी के डॉक्टर को टर्मिनेशन करने का कड़ा संज्ञान लेते हुए संघ ने फैसला लिया कि बिना डॉक्टर का पक्ष सुने एकतरफा कार्रवाई करना बिल्कुल अनुचित है।
जल्द से जल्द उस डॉक्टर की बहाली की जाए वरना पूरे प्रदेश के चिकित्सक हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके लिए संघ ने सरकार को 15 दिन का समय दिया है। संघ ने सरकार के उस निर्णय का विरोध किया है जिसमें अंधाधुंध मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। वहीं पहले से चल रहे दो मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर नहीं हैं।
नए कॉलेजों में प्रदेश से बाहर के डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है जो हिमाचली डॉक्टरों के साथ नाइंसाफी है। सरकार के उस निर्णय का विरोध किया है जिसमें गैर एमबीबीएस लोगों को भर्ती किया जा रहा है और उन्हें एमबीबीएस की जगह लगाया जा रहा है। विभाग में रेगुलर डीपीसी नहीं हो रही जिसकी वजह से बीएमओ की पोस्ट खाली चल रही है। संघ ने रोष जताया है कि मुख्यमंत्री ने संघ की सभी मांगें एक साल पहले मानने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
बैठक में प्रदेश महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, मुख्य सलाहकार डॉ. संतलाल, डॉ. ओमपाल, उपप्रधान डॉ. अनुपम, डॉ. राजेश राणा, संयुक्त सचिव डॉ. दुष्यंत ठाकुर, ऊना के डॉ. राहुल कतना, कांगड़ा से डॉ. गुरदर्यन गुप्ता, प्रदेश प्रेस सचिव डॉ. सुशील शर्मा, मंडी से डॉ. जितेंद्र और डॉ. विकास, कुल्लू से डॉ. कल्याण और प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मौजूद रहे।