राष्ट्रीय चिकित्सक आयोग(एनएमसी) विधेयक 2019 के विरोध में चल रहे प्रशिक्षु एवं इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों के आंदोलन का हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (एमओए) ने भी समर्थन किया।
सभी अस्पतालों में डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर काम किया। धर्मशाला अस्पताल सहित कांगड़ा जिला के अन्य अस्पतालों में भी एमओए के आह्वान पर डॉक्टरों ने ओपीडी में काले बिल्ले लगाकर विधेयक का विरोध किया।
मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि पिछले एनएमसी विधेयक से सिर्फ कॉस्मेटिक बदलाव हुए हैं, जिसका 2016 के बाद से पूरे देश में चिकित्सा परिषद ने कड़ा विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में केंद्र सरकार ने धारा 32 को जोड़ा है जो सामुदायिक स्वास्थ्य प्रदाताओं को एमबीबीएस के अलावा अन्य पाठ्यक्रमों से पेशेवरों को चिकित्सा व्यवसायी लाइसेंस प्रदान करके कानून को वैध बनाती है जिसका प्रशिक्षु एवं इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर विरोध कर रहे हैं।
उधर, सोलन जिले में भी सरकारी, निजी अस्पतालों समेत क्लीनिकों में डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध किया। एसोसिएशन की सोलन इकाई के डॉ. रविकांत सूद ने बताया कि डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर दो दिवसीय विरोध जताया है। सभी ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं जारी रखीं। सांकेतिक रूप से एनएमसी विधेयक का विरोध किया गया है।