शिमला। आईजीएमसी के गैर सुपर स्पेशिलिटी विभागों के चिकित्सकों को अटल सुपर स्पेशिलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान (चमियाना) में ड्यूटी देनी होगी। इसको लेकर सरकार की ओर से आदेश जारी हुए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि डॉक्टरों को आदेशों का सख्ती से पालन करना होगा। इसके अलावा जिन डॉक्टरों को वहां भेजा जाएगा, उनका रोस्टर भी बनाना होगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार मार्च माह में अटल सुपर स्पेशिलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान (चमियाना) को शुरू करना चाहती है। ऐसे में पहले से ही पर्याप्त प्रबंध होने के बाद मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। इन सब बातों को देखते हुए अब आईजीएमसी के गैर सुपर स्पेशिलिटी विभागों मसलन रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री इत्यादि विभागों के अध्यक्षों को छोड़कर चमियाना में स्वीकृत पदों के तहत चिकित्सकों को यहां पर ड्यूटी देनी होगी। इससे संस्थान का कार्य सुचारु तरीके से हो सकेगा। चूंकि रोटेशन के आधार पर डॉक्टरों को ड्यूटी देनी है तो ऐसे में किसी तरह की लापरवाही न हो। इसके लिए इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।
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सरकार की ओर से आदेश जारी हुए हैं कि गैर सुपर स्पेशिलिटी विभागों के चिकित्सकों जो अब तक आईजीएमसी में सेवाएं दे रहे थे, उन्हें अब एआईएमएसएस चमियाना में रोटेशन के आधार पर रोस्टर के तहत ड्यूटी देनी होगी। इस बारे में संबंधित विभागों के अध्यक्षों को सूचित कर दिया गया है। डॉ. रमेश भारती, निदेशक चिकित्सा शिक्षा
करोड़ों रुपये की सीटी स्कैन मशीन भी है स्थापितशिमला। चमियाना में आधुनिक तकनीक की 256 स्लाइस वाली सीटी स्कैन मशीन भी स्थापित है। लेकिन डॉक्टरों के न होने के कारण यह मशीन बंद पड़ी है। ऐसे में जब चिकित्सक यहां जाएंगे तो इसे भी शुरू किया जाएगा। वहीं मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा। चमियाना में सात करोड़ से अधिक की कीमत की यह मशीन पिछले साल यहां लगी है।