एमबीबीएस करने के बाद प्रदेश के दुर्गम इलाकों में नौकरी ज्वाइन करने वाले चिकित्सकों को प्रदेश सरकार एक साल बाद ही पीजी करवाएगी। पहले एमबीबीएस चिकित्सकों को पांच साल सेवाएं देने के बाद पीजी करने का मौका मिलता था। ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से दुर्गम इलाकों में सेवारत चिकित्सकों को एक साल बाद पीजी की पढ़ाई के लिए आवेदन कर सकेंगे।
शहरी इलाकों में सेवारत चिकित्सकों को पहले की तरह ही पांच साल पूरे करने के बाद ही पीजी करने का मौका प्रदेश सरकार देगी। अकसर हिमाचल के अति दुर्गम इलाकों में सेवाएं देने से चिकित्सक इंकार कर जाते हैं। इस कारण ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकों की कमी काफी खलती है।