डॉ. संदीप राठौर और डॉ. उदय भानु राणा
- फोटो : अमर उजाला
खुद की जेब से एक युवा डॉक्टर ने 12 लाख खर्च कर अपने साथी चिकित्सक से मिलकर जोनल अस्पताल मंडी के इतिहास में पहली बार लैपरोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी सर्जरी (दूरबीन से बिना टांके के यूटरस निकालना) कर इतिहास रचा है।
मंडी के सरकारी अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उदय भानु राणा और डॉ. संदीप राठौर ने मंगलवार को दो महिलाओं की सफल सर्जरी भी की। दावा है कि अभी तक आईजीएमसी और टांडा अस्पताल में भी विशेषज्ञता के अभाव में इस तकनीक से सर्जरी नहीं हुई है।
हालांकि सूबे में और बाहरी राज्यों में यह सर्जरी कुछ निजी अस्पतालों में है, लेकिन इस सर्जरी के लिए रोगी को एक से दो लाख रुपये चुकाने पड़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को एक-माह तक अस्पताल में भर्ती होने के बाद ऑपरेशन की पुरानी प्रक्रिया से जूझना पड़ता है।
डॉ. उदय राणा 35 वर्ष के हैं। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी से स्त्री रोगियों को अत्याधिक रक्त के रिसाव और दर्द से नहीं जूझना पड़ेगा और रोगी की रिकवरी भी काफी जल्दी होती है।
उन्होंने कहा कि सर्जरी के लिए आवश्यक सर्जिकल उपकरणों की खरीद अपनी जेब से की है। करीब 12 लाख रुपये इस पर खर्च हुए हैं। दो महिलाओं की सफल सर्जरी भी हुई है।