डॉ. निधि चौहान
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शिमला की रहने वाली डॉ. निधि चौहान जो नार्थ इंडिया की पहली एमडी शिशु मनोचिकित्सक हैं, उनका चयन पीजीआई में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर हुआ है। यह पीजीआई में साइकेट्रिक विभाग में अपनी सेवाएं देंगी। इस सफलता से इन्होंने जिला शिमला के साथ साथ प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। डॉ. निधि ने एमबीबीएस की डिग्री इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला से की है।
इसके अलावा एमडी और डीएम पीजीआई से की है। मौजूदा समय में यह मेडिकल कालेज चंडीगढ़ सेक्टर 32 में कार्यरत हैं। कोटगढ़ के कंडा गांव के रहने वाले इनके पति डॉ. राजीव चौहान पीजीआई में बतौर कंसलटेंट कई सालों से तैनात हैं। हिमाचल से पीजीआई जाने वाले मरीजों की सेवा के लिए यह दंपती रात दिन खड़ा रहता है।
जिनका पीजीआई में कोई नहीं ऐसे मरीजों की यह डॉक्टर दंपती हर संभव मदद करता है। मौजूदा समय में प्रदेश सरकार के कई मंत्री तक डॉ. राजीव चौहान की पीजीआई में आम मरीजों की सेवाओं को लेकर प्रंशस्ति पत्र जारी कर चुके हैं। डॉ. राजीव आईजीएमसी शिमला में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं और यहां रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। डॉ. निधि ने कहा कि सफलता का श्रेय परिवार को देती हैं।