आईजीएमसी में ओपीडी के बाहर घंटों लाइनों में लगकर करना पड़ा बारी का इंतजार
157 चिकित्सक गए थे एक सप्ताह के अवकाश पर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में मंगलवार को उपचार करवाने आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अस्पताल की विभिन्न ओपीडी में मरीजों को ढाई घंटे तक चेकअप करवाने के लिए इंतजार करना पड़ा। दरअसल आईजीएमसी के 157 चिकित्सक एक सप्ताह के अवकाश पर गए थे। मंगलवार सुबह इन्हें अपनी ड्यूटी ज्वाइन करनी थी लेकिन इनमें से कुछ वरिष्ठ डॉक्टर दोपहर 12 बजे के बाद ही ओपीडी में पहुंचे। इस कारण आईजीएमसी में उपचार करवाने के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी हुई। आईजीएमसी में प्रदेशभर से मरीज चेकअप करवाने के लिए आते हैं। सबसे अधिक परेशानी यूरोलॉजी के के मरीजों को हुई।
आईजीएमसी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी। मेडिसिन, ऑर्थो, सर्जरी, आंखों, ईएनटी और यूरोलॉजी समेत विभिन्न ओपीडी में मरीज उपचार करवाने के लिए आए थे। चिकित्सकों की कमी से मरीजों को घंटों लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कई घंटों बाद मरीजों का नंबर नहीं आया तो इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन को दी गई। बताया कि डॉक्टर दोपहर बारह बजे अस्पताल आएंगे।
अब टेस्ट करवाने के लिए फिर आना पड़ेगा
तीमारदार नरेंद्र, आकृति, रमेश और दीवान चंद ने बताया कि अस्पताल में पहले ही दो सप्ताह से डॉक्टर अवकाश पर चल रहे थे। अब छुट्टियां खत्म हुईं तो समय पर ज्वाइन कर सकते थे। आज ओपीडी में नंबर काफी देरी से आया, इसके बाद चिकित्सकों ने टेस्ट लिखे हैं जो अब नहीं होंगे। अब बुधवार को फिर से अस्पताल आना पड़ेगा। देर शाम तक विभिन्न ओपीडी में 2736 मरीजों ने चेकअप करवाया। इनमें 2632 मरीजों ने जनरल ओपीडी और 104 ने आपात स्थिति में चेकअप करवाया।
सर्विस रूल के मुताबिक ज्वाइन की ड्यूटी : डॉ. गुप्ता
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि सर्विस रूल के मुताबिक दोपहर बाद डॉक्टरों ने ड्यूटी ज्वाइन की है। शाम तक अस्पताल की ओपीडी में सभी मरीजों को उपचार दिया है।