डायरिया होने पर मरीज को दस्त होते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इस कारण कमजोरी महसूस होती है। वहीं, पीलिया में मरीज को बुखार, उल्टियां, कम भूख और पेटदर्द होता है।
डायरिया से बचाव
- ताजा खाना ही खाएं।
- गंदे हाथों से खाद्य पदार्थ न लें।
- दस्त होने पर ओआरएस का घोल लें।
- बाहर के खाने और जंक फूड से परहेज करें।
- पानी उबाल कर या फिल्टर कर पीएं।
- शौच जाने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
- डायरिया से बचने के लिए कड़वी सौंफ का काढ़ा सबसे अच्छा है। सौंफ का चूर्ण भी कारगर होता है।
-दस्त की स्थिति में मरीज को ओआरएस का घोल दें। जिंक वाला ओआरएस घोल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। मरीज को घर पर ही यह घोल दे सकते हैं।
-प्याज और पुदीना कूट कर इसके रस का सेवन मरीज को करवाएं। इससे डायरिया से राहत मिलेगी।