समय पर जांच से टल सकता है बड़ा खतरा, कार्यशाला में महिलाओं को सर्वाइकल-ब्रेस्ट कैंसर के प्रति किया जागरूक
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मेनोपॉज के लक्षणों की भी दी गई जानकारी संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याएं कई बार गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती हैं। मासिक धर्म में असामान्य बदलाव, लगातार पेट या पेल्विक हिस्से में दर्द, पेशाब में जलन, स्तन में गांठ या मेनोपॉज के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यह बात निष्काम सृजन फाउंडेशन की ओर से सोमवार को मालरोड स्थित गार्टन कासल के अकाउंटेंट जनरल ऑफिस में आयोजित जागरूकता कार्यशाला में डॉ. श्रेया वासुदेवा ने कही। उन्होंने बताया कि समय रहते जांच और उपचार से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर के बारे में बताया कि शुरुआती अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं भी हो सकते हैं। हालांकि असामान्य रक्तस्राव, विशेषकर मासिक धर्म के बीच रक्तस्राव और पेल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द जैसे संकेतों पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है। उन्होंने समय पर स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय सलाह के महत्व पर जोर दिया।
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डॉ. श्रेया वासुदेवा ने महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि स्तन में नई गांठ, स्तन के आकार या त्वचा में बदलाव और निप्पल से असामान्य स्राव जैसे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को अपने स्तनों में होने वाले सामान्य बदलावों के प्रति सजग रहने और किसी भी असामान्य परिवर्तन पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में महिला कर्मचारियों ने स्वास्थ्य से जुड़े अनेक सवाल खुलकर पूछे। डॉ. श्रेया वासुदेवा ने उनके प्रश्नों का सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया।
प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल पुरुषोत्तम तिवारी के सौजन्य से आयोजित कार्यशाला में कार्यालय में कार्यरत करीब 50 आउटसोर्स महिला कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान फाउंडेशन की ओर से माला सिंह, तरुणा कौशल, अरुणा शर्मा, नीलम गुप्ता, उषा सूद, अनुराधा सूद, आदर्श सिंह सूद, गुरप्रीत सौंद और मननदीप सोंद मौजूद रहे।