मैडम....मेरी पत्नी मुझे घर में घुसने नहीं देती, खर्चा देना तो दूर की बात। आपके कहने पर ही मैंने अपनी दुकान पत्नी के हवाले कर दी। अब पत्नी ने दुकान और घर पर कब्जा कर रखा है। हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल की अदालत में यह फरियाद लेकर शिमला का एक व्यक्ति पहुंचा।
इसने कहा कि पिछली सुनवाई में पत्नी ने महिला आयोग में केस दर्ज किया था कि मैं दुकान संभालता हूं पर खर्चा नहीं देता। इस पर इस अदालत ने दुकान पत्नी को सौंपने को कहा था। आयोग की अध्यक्ष ने दोनों को घर बैठकर मामला सुलझाने की सलाह दी है। अगली सुनवाई में इस मामले पर फैसला होगा।
लव मैरिज के अन्य मामले में दंपति ने कहा- अब मंजूर नहीं रिश्ता
इधर, दूसरे मामले में शिमला की एक विवाहिता ने अध्यक्ष से कहा ‘मैं अपने पति के साथ एक पल भी नहीं रह सकती हूं’। पति रोज मारपीट करता है। इधर, महिला के पति ने भी फरियाद लगाई कि मैं बेबस हो गया हूं। पत्नी मेरे माता और पिता को पसंद नहीं करती। वो इन्हें घर में रखने से इनकार करती है।
अब मुझे भी यह रिश्ता मंजूर नहीं है। यह मामला भी राज्य महिला आयोग में आया। आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने मामले की सुनवाई की। शिमला के इस दंपति की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ है और यह रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया है। दोनों ने लव मैरिज की है। अगली सुनवाई में फिर से दोनों का पक्ष सुना जाएगा।
11 मामलों पर सुनवाई, तीन सुलझाए
करीब 23 मामलों की सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन केवल 11 केसों पर सुनवाई हो सकी। यह मामले शिमला और सोलन जिले के थे। अदालत सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक लगी।
हर केस पर दोनों पक्षों के दलीलें सुनी गई। अदालत में तीन केस बंद कर दिए गए। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद झगड़ों को सुलझा दिया गया।