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स्वच्छता और चिकित्सा मानकों में इस जिला अस्पताल ने जीता प्रथम पुरस्कार

Tue, 27 Feb 2018 12:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कायाकल्प पुरस्कार वितरित किए। स्वच्छता और चिकित्सा मानकों में अव्वल रहने पर प्रथम श्रेणी में 20 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू, द्वितीय पुरस्कार नागरिक अस्पताल पालमपुर और तृतीय पुरस्कार नागरिक अस्पताल नुरपूर को दिया गया।

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द्वितीय श्रेणी के पुरस्कारों में सात लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार नागरिक अस्पताल करसोग, द्वितीय पुरस्कार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीड़ और तीसरा पुरस्कार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूह को दिया गया।

तृतीय श्रेणी के पुरस्कारों में दो-दो लाख रुपये के 10 पुरस्कार दिए गए। ये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गेहड़वीं, ऊहल, पंडोल, खैरियां, टापरी, ऊरनी, गड़सा, अनाडेल, नवगांव, माजरा और पंजावर को दिए गए।
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प्रथम श्रेणी के प्रशस्ति पुरस्कार क्षेत्रीय अस्पताल मंडी, नागरिक अस्पताल पांवटा साहिब, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला, रिकांगपिओ, रोहड़ू और सरकाघाट को दिए गए जबकि द्वितीय श्रेणी के पुरस्कार डलहौजी, मनाली, हरोली और चुवाड़ी अस्पतालों को दिए गए।

तृतीय श्रेणी के प्रशस्ति पुरस्कार रायसन, धरूण, स्पीलो, जांगी, नालटी, गुबर, नारकंडा, कोहबाग, पाली, चुक्कू, धर्मशाला महांता, लठयाणी, चुरूरू और देहला अस्पतालों को दिए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले अस्पतालों को बधाई दी तथा भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का आग्रह किया।

एंबुलेंस सेवाओं की निगरानी के दिए निर्देश

परमार ने शिमला के समीप परिमहल में ‘कायाकल्प’ पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में कायाकल्प को महज स्वच्छता के तौर पर नहीं बल्कि व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।

हालांकि, स्वच्छता कायाकल्प का एक महत्वपूर्ण बिंदु है और स्वस्थ जीवन के लिए समूचा परिवेश साफ-सुथरा होना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में जेनेरिक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाएं।

प्रधानमंत्री के नए भारत के निर्माण के सपने को साकार बनाने के लिए आम जन मानस की छोटी से छोटी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय चिकित्सकों को राज्य के विभिन्न भागों में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं की निगरानी करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यशाला की अध्यक्षता भी की। 
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एनएचएम के तहत खर्च किए जा रहे 500 करोड़ 

विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पंकज रॉय ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 500 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। राज्य परियोजना अधिकारी डॉ. अलका गुप्ता ने धन्यवाद किया।

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. बलदेव ठाकुर, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन के निदेशक रमन, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अशोक शर्मा, राज्य के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। 
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