प्राधिकरण ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान लगातार निगरानी रखी जाए तथा चेतावनी संदेशों का अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, पंचायतों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
इसके अलावा सभी विभागों को संभावित आपदा से होने वाले नुकसान का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने, उपलब्ध मशीनरी, उपकरणों और मानव संसाधनों की ताजा सूची तैयार रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसी भी आपदा के बाद बिजली, पेयजल, सड़क, संचार और अन्य आवश्यक सेवाओं की त्वरित बहाली सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।