संजौली कॉलेज में नाटक के
मंचन से रोकने पर हंगामा
एसएफआई कार्यकर्ताओं और शिक्षकों में बहसबाजी, कॉलेज प्रशासन के खिलाफ लगे नारे
पुलिस के आने के बाद शांत हुआ मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। संजौली कॉलेज में बुधवार को एसएफआई और डीवाईएफआई के कार्यकर्ताओं को नुक्कड़ नाटक का मंचन नहीं करने दिया। इस पर कार्यकर्ताओं और कॉलेज प्राचार्य तथा शिक्षकों के बीच बहसबाजी हो गई। इससे कुछ देर के लिए यहां हंगामा भी होता रहा।
दरअसल एसएफआई और डीवाईएफआई बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, कॉलेजों में वसूले जा रहे पीटीए फंड सहित अन्य मुद्दों को लेकर 12 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने जा रही है। इसके लिए संजौली कॉलेज में दोनों संगठनों के सदस्य बुधवार को नुक्कड़ नाटक मंचन करना चाहता थे ताकि छात्रों को जागरूक किया जाए। इससे वहां कुछ देर के लिए बहसबाजी हो गई। कार्यकर्ता जहां आम छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर नुक्कड़ के माध्यम से जागरूक करने पर अड़े रहे वहीं कॉलेज प्राचार्य सीबी मेहता ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। कार्यकर्ताओं ने परिसर में कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कुछ देर नारेबाजी भी की।
कॉलेज प्रशासन ने इस पर पुलिस को बुलाया। पुलिस के कॉलेज परिसर में पहुंचने के बाद ही कार्यकर्ता बाहर निकले। एसएफआई के जिला अध्यक्ष अनिल ने कहा कि यह तानाशाही है, परिसर में छात्रों से जुड़ी समस्याओं तक को उजागर करने से रोका जा रहा है। आधे घंटे तक हुआ यह हंगामा पुलिस के परिसर में आने के बाद ही शांत हुआ। कॉलेज की ओर से पुलिस को शिकायत भी दी है।
कॉलेज प्रशासन से नहीं ली थी मंजूरी : डॉ. मेहता
कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीबी मेहता ने कहा कि नुक्कड़ करने वाले सभी छात्र बाहरी थे। उन्होंने इसके लिए कॉलेज प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली थी। बिना अनुमति लिए परिसर में इस तरह की गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जा सकती।