बैठक में पहुंचे सिर्फ तीन विधायक
बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूलों में बच्चों की लगातार घटती संख्या को लेकर भी सवाल किए गए। सांसद ने केंद्र सरकार की योजनाओं के संचालन के दौरान स्कूलों में बच्चों की संख्या में कमी या बढ़ोतरी का तुलनात्मक डाटा अगली बैठक में पेश करने के निर्देश दिए। दिशा समिति की बैठक में भाजपा के बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी, द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर और सरकाघाट विधायक दलीप ठाकुर ही मौजूद रहे। अन्य विधायकों के बैठक में न पहुंचने पर सांसद कंगना रणौत नाराज नजर आईं। उन्होंने कहा कि विधायक अपनी राजनीति में व्यस्त हैं और उन्हें लोगों की चिंता नहीं है। उन्होंने जनहित के कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
कंगना बोलीं- कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का बेड़ा गर्क करके रख दिया
भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रणाैत ने एक बार फिर प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला बोला है। मंडी में दिशा कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कंगना ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का बेड़ा गर्क करके रख दिया है। उनके पास लोग प्रदेश सरकार की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। सरकार और अधिकारियों में कोई तालमेल नहीं और दोनों ही पूरी तरह से फेल हो गए हैं। प्रदेश सरकार केंद्र के खिलाफ साजिशें रचने का काम कर रही है। केंद्र की योजनाओं को यहां सही ढंग से अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है। जो कुछ योजनाएं चल रही हैं उनपर कांग्रेसी अपने नाम के फट्टे लगा रहे हैं। कंगना ने कहा कि अगर श्रेय ही चाहिए तो विकास कार्यों पर अड़ंगा मत लगाइए। कंगना ने कहा कि दिशा कमेटी की बैठकों से कांग्रेसी विधायक नदारद रह रहे हैं। बहुत सी छोटी-छोटी बातों का विधायकों को ही पता होता है। यदि वे आकर नहीं बताएंगे तो फिर बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार और इसके विधायकों को सिर्फ घटिया राजिनीति आती है और वे वही कर रहे हैं।
स्थानीय विधायकों पर जनहित के कार्यों में रुचि न लेने का आरोप लगाया
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कंगना ने कहा कि करीब 75 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत कई परियोजनाओं में अड़चनें आ रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायकों पर जनहित के कार्यों में रुचि न लेने और शिलान्यास की राजनीति करने का आरोप लगाया। कंगना ने प्रशासनिक स्तर पर बाबू संस्कृति और सुस्ती को केंद्रीय योजनाओं के प्रभावित होने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों और बुनियादी सुविधाओं का काम भी अपेक्षित गति से नहीं हो पाया है। सांसद ने चेतावनी दी कि अगली दिशा बैठक से पहले जमीन पर बदलाव दिखाई देना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर लापरवाह अधिकारियों की रिपोर्ट केंद्र सरकार के समक्ष रखी जाएगी।