चौधरी ने यह मामला बजट पर चर्चा के दौरान उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार को अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड पर विश्वास नहीं था। शायद तभी एसएमसी पॉलिसी लाई गई।
हालांकि, बाहर जब एसएमसी शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला तो उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एसएमसी शिक्षक बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं।
पांवटा में ड्राइवर का पद भरने के मामले में भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने गड़बड़झाले का आरोप लगाया। उन्होेंने कहा कि इस भर्ती में साक्षात्कार में एक उम्मीदवार को 1.5 और दूसरे को 9.5 अंक दिए गए। जिसे फेल किया गया उसके 74.7 और जिसे पास किया गया उसे 74.83 अंक दिए गए।