चरड़ा पंचायत के ज्युरी मतदान केंद्र में 3:00 बजे तक दो लोगों ने किया मतदान
चंबा जिला के विधानसभा क्षेत्र चुराह,भरमौर, चंबा और डलहौजी में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने से खिन्न चल रहे ग्रामीणों ने लोस चुनावों का बहिष्कार किया। चुराह विधानसभा क्षेत्र के मक्कन-चचूल पोलिंग बूथ-25 पर सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चुनावों का बहिष्कार किया है। मतदान केंद्र के तहत 725 मतदाताओं में से दोपहर तक महज 9 ही मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बहरहाल, देर शाम तक ग्रामीणों को मनाने के लिए प्रशासनिक और विभागीय सर्विलांस टीमें मौके पर डटी रही। लेकिन, ग्रामीणों के निर्णय को बदलने में ये टीमें सफल नहीं हो पाई। ग्रामीणों जन्म सिंह, राकेश कुमार,लाल चंद, मान चंद, परशुराम, ज्ञान चंद, रूपलाल, बसंत, सुनील कुमार, बलदेव ने ने साफ किया कि यदि उपायुक्त चंबा मौके पर पहुंचते है तो उनके समक्ष अपनी मांग रखने के बाद मतदान करने के बारे में सोच सकते हैं। बहरहाल, मतदान प्रकिया आरंभ न होने की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार चुराह अपनी टीम समेत मौके पर पहुंचे। तहसीलदार चुराह लोगाें की मांग सुनकर उन्हें मनाने में लगे हुए हैं।
जलोड़ी टनल का विरोध, चुनाव का बहिष्कार
बंजार के सोझा क्षेत्र के छह गांवों के लोगों ने सामूहिक तौर पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया। अभी तक सोझा पोलिंग स्टेशन में मात्र 13 लोगों ने मतदान किया है। यहां 290 मतदाता हैं। छह गांवों के लोग सोझा गांव से नीचे से निकल रही जलोड़ी टनल के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। हालांकि दो दिन पहले प्रशासन ने मनाने का प्रयास किया, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। दिनभर पोलिंग बूथ में सन्नाटा पसरा रहा। पोलिंग पार्टी वोटरों को इंतजार करती रही, लेकिन शाम तक सोझा, बहली, नाली, जां, लड़वा और जलोड़ा गांव के लोग अपने विरोध पर कायम रहे। ग्रामीण राजेंद्र प्रकाश, पदम सिंह, गंगे राम, ऐलू राम, टेक सिंह, हंसराज, भाग सिंह ने कहा कि जलोड़ी टनल के विरोध में सोझा सहित छह गांवों के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। गांव के लोग छह महीने से मांग कर रहे हैं कि टनल को गांव के नीचे से न निकाला जाए। दिसंबर 2023 से लगातार इस मसले को शासन और प्रशासन के समक्ष उठाया है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इस बारे उपायुक्त कुल्लू को पत्र लिखकर अवगत करवाया गया है।