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निजी विश्वविद्यालयों में शुरू होंगे सुरक्षा विषय के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स

Wed, 21 Jul 2021 10:30 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि आरट्रैक शिमला के साथ मिलकर निजी विश्वविद्यालयों में डिफेंस सेल स्थापित किए जाएंगे। निजी विश्वविद्यालयों की लेबोरेटरी में सेना से संबंधित अनुसंधान किस प्रकार किए जा सकते हैं। 
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निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में सुरक्षा विषय के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रैक) शिमला के साथ मिलकर एक नई पहल करने की तैयारी शुरू की है। इस कड़ी में दो अगस्त को सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को आरट्रैक में बुलाकर सेना अधिकारियों के साथ संवाद करवाया जाएगा।  विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि आरट्रैक शिमला के साथ मिलकर निजी विश्वविद्यालयों में डिफेंस सेल स्थापित किए जाएंगे। निजी विश्वविद्यालयों की लेबोरेटरी में सेना से संबंधित अनुसंधान किस प्रकार किए जा सकते हैं।

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इसकी संभावनाएं दो अगस्त की बैठक में तलाशी जाएगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा विषय को लेकर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना भी है। आर्मी ट्रेनिंग कमांड के अधिकारियों और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि विनियामक आयोग इसको लेकर आर्मी ट्रेनिंग कमांड के साथ एमओयू भी हस्ताक्षरित करेगा। विनियामक आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में यह अपनी तरह का पहली बार प्रयोग किया जा रहा है। उम्मीद है कि निजी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इससे लाभ होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति, रोजगार के अवसर बढ़ाने पर होगी चर्चा
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग दो अगस्त को दोपहर बाद सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर भी चर्चा करेगा। शिक्षा नीति को लागू करने में पेश आ रही समस्याओं और अभी तक इस बाबत किए गए कार्यों को लेकर भी जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और हिमाचल प्रदेश को शिक्षा हब बनाने की रणनीति भी तैयार की जाएगी। विश्वविद्यालयों में नई तकनीक से संबंधित कोर्स शुरू करने को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

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