शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के लोक प्रशासन विभाग में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के दौरान दो तकनीकी सत्रों में 20 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ममता मोक्टा ने की। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस न केवल सरकारी कार्यप्रणाली की दक्षता बढ़ाने में सहायक है, बल्कि यह पारदर्शिता को बढ़ावा देने और डाटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सशक्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर इंद्रजीत सोढ़ी ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा, प्रोफेसर ममता मोक्टा, डॉ. संजीव ब्रगटा, डॉ. सीमा कश्यप, डॉ. सपना शर्मा, डॉ. कुसुम आजाद, डॉ. राजिया सुल्तान, संजय और विशाखा ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। संवाद