सेना भर्ती में अब किसी भी प्रकार की धांधली की आशंका नहीं रहेगी। भारतीय सेना ने सूबे में हो रही सैन्य भर्ती में पहली बार डिजिटल बैंड का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
ऊना में चल रही भर्ती रैली में अभ्यर्थियों को बाकायदा डिजिटल बैंड लगाने के बाद ही मेडिकल के लिए एंट्री दी जा रही है। बताया जा रहा है कि भर्ती में अनियमितता और अन्य प्रकार की संभावित गड़बड़ी से बचने के मकसद से यह प्रयोग किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक डिजिटल बैंड में बायोमीट्रिक सिस्टम के अलावा अभ्यर्थी के रेटीना मार्क भी संरक्षित किए जाएंगे, जो यूएफआईडी सर्वर में अपलोड रहेगा। अभ्यर्थी से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा डाटा इस बैंड के साथ जुड़े सर्वर में उपलब्ध होगा।
गौर हो कि इस बार ऊना में छह जिलों की भर्ती में 29 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। इनमें ग्राउंड पास करने वाले युवाओं को सेना की ओर से डिजीटल बैंड जारी किए जा रहे हैं। वहीं, सेना ने भर्ती देने आए युवाओं का पहली बार ड्रग टेस्ट भी करवाना शुरू किया है।
इसके तहत हर उस युवा अभ्यर्थी का ड्रग टेस्ट करवाया जाएगा जो भर्ती के लिए अपीयर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम सीएमओ के नेतृत्व में इस टेस्ट को अंजाम दे रही है।
सेना भर्ती अधिकारी कर्नल संजय चावला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि भर्ती में किसी प्रकार की धांधली की आशंका को निर्मूल करने के मकसद से ही इस बार सेना ने नया प्रयोग करते हुए डिजिटल बैंड समेत डोप टेस्ट को अपनाया है। उन्होंने कहा कि भर्ती में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जा रही है।