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शांता-धूमल ने सरकार पर कसा तंज, कहा- तो कल मंडी होगी तीसरी राजधानी

Sat, 21 Jan 2017 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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भाजपा सांसद शांता कुमार ने कहा कि अगर वीरभद्र सरकार मजाक भरी घोषणाएं करेगी तो भाजपा उसका स्वागत नहीं करेगी। शांता ने कहा कि स्मार्ट सिटी धर्मशाला के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को 350 करोड़ रुपये दे दिए लेकिन प्रदेश सरकार ने इसमें सिर्फ 20 लाख रुपये अपना अंशदान दिया।
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इससे साफ है कि वीरभद्र सरकार सिर्फ घोषणाओं से जनता का पेट भरना चाहती है। जब केंद्र ने 350 करोड़ दिए तो राज्य सरकार को भी धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अंशदान करना चाहिए था। अब धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा कर दी। कल तो सरकार यह भी करेगी कि मंडी अब तीसरी राजधानी होगी।

वीरभद्र सरकार ने अपने कार्यकाल में सिर्फ घोषणाएं करने और भ्रष्टाचार करने का ही रिकार्ड बनाया है। अभी तक हुई घोषणाएं तो वीरभद्र सरकार ने पूरी नहीं की तो अब की घोषणाएं कब और कैसे पूरी होंगी। दो साल पहले वीरभद्र सरकार ने जो कॉलेज बनाए उनमें आज तक स्टाफ नहीं बिठाया गया। ऐसी कई घोषणाएं वीरभद्र सरकार ने की जो पूरी आज तक नहीं हुई।
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घोषणाओं का रिकॉर्ड बना सकती है वीरभद्र सरकार

झूठी घोषणाएं कर आखिर वीरभद्र सरकार कोन सा रिकार्ड बनाना चाहती है। ऐसा मजाक जनता के साथ कांग्रेस न करे। त्रिदेव सम्मेलन में वीरभद्र सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री पर इतने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। केसों के चलते यह सीएम तो सिर्फ अपनी पैरवी करने में लगे हैं। तो फिर जनता की पैरवी कौन करेगा।

शांता कुमार ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मांग की कि चंबा में सीमेंट उद्योग का सपना पूरा करने में मदद करें ताकि चंबा की गरीबी दूर होने के साथ देश को सीमेंट चंबा से मिले। उन्होंने यह भी मांग रखी कि धौलाधार दुनिया के खूबसूरत पहाड़ों में शुमार है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां के लिए पर्यटन का बड़ा प्रोजेक्ट बनने से आर्थिक और पर्यटन की स्थिति और मजबूत होगी।
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धूमल बोले, शिमला राजधानी तो संभलती नहीं कांग्रेस से

वीरभद्र सरकार की ओर से धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि कांग्रेस से एक राजधानी शिमला तो संभलती नहीं तो दूसरी राजधानी बनाने के झूठे शिगूफे क्यों छोड़ रहे हैं।

त्रिदेव सम्मेलन में धूमल ने कहा कि शिमला राजधानी का हाल कांग्रेस ने क्या बना रखा है, यह जनता जानती है। पिछले वर्ष शिमला राजधानी में कांग्र्रेस सरकार की लापरवाही से पीलिया फैला। इसमें 32 लोगों की जान गई और सीएम वीरभद्र सिंह शिमला की जनता को ऐसे हाल में छोड़कर कांगड़ा प्रवास पर आ गए थे।

अब जब शिमला में भारी बर्फबारी से जनजीवन ठप हो गया, लोगों की जानें गई तो सीएम फिर से शिमला के लोगों को उनके हाल पर छोड़कर भाग आए। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सरकार तो केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद को भी प्रयोग करने में निक्कमी साबित हुई है।

मोदी सरकार ने हिमाचल को विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा देकर प्रदेश की आर्थिक मदद की जो दर्जा कांग्रेस ने छीन दिया था। केंद्रीय कर में हिमाचल का हिस्सा 32 से 42 फीसदी कर दिया।

मोदी सरकार ने हिमाचल को 75 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की फिर भी वीरभद्र सरकार कर्ज क्यों उठा रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल को दर्जनों एनएच दिए लेकिन हिमाचल सरकार उनकी डीपीआर तक नहीं बना पाई।

मोदी सरकार ने हिमाचल सरकार को डीपीआर बनाने के लिए पैसे भी दिए लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार डीपीआर नहीं बना पाई। वीरभद्र सरकार में कलह चरम पर है। कैबिनेट मंत्री को राहुल गांधी की रैली में मंच पर चढने नहीं दिया गया। कैबिनेट में दो मंत्री एक दूसरे पर यह आरोप लगाते हैं कि किसके विभाग का भ्रष्टाचार ज्यादा है। फिर सीएम जांच कराने के बजाय उन दोनों मंत्रियों को समझा बुझाकर बैठा देते हैं।
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