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ढली-कैथलीघाट फोरलेन: शोघी में 705 मीटर लंबी फोरलेन टनल के मिले दो छोर

Tue, 23 Jul 2024 04:31 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एनएचएआई हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित की अध्यक्षता में सुरंग की ब्रेकथू सेरेमोनी हुई। 
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गोरेगांव-संगल सुरंग के मिले दोनों छोर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ढली-कैथलीघाट फोरलेन परियोजना के तहत एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने शोघी के गोरेगांव-संगल में 705 मीटर लंबी टनल के दोनों छोर को जोड़ने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। यह शिमला की सबसे ज्यादा लंबाई की सुरंग बन गई है। इसके निर्माण में 90 करोड़ रुपये की लागत आई है। टनल के निर्माण में 200 श्रमिकों और 50 मशीनों ने बिना रुके 300 दिनों तक काम किया। इससे पहले, स्थिरीकरण और नींव का काम किया गया था, ताकि परियोजना की संरचना मजबूत और स्थिर बनी रहे।

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टनल की ब्रेक थ्रू सेरेमोनी एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित की अध्यक्षता में आयोजित की गई। समारोह में एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और श्रमिकों ने हिस्सा लिया। अब्दुल बासित ने सुरंग निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और परियोजना की सफलता के लिए टीम की सराहना की।

टनल का निर्माण कार्य अत्यधिक चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन एनएचएआई ने कुशलता और समर्पण के साथ इसे समय पर पूरा किया। परियोजना में आधुनिक निर्माण तकनीकों और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है। इससे यह टनल सुरक्षित और स्थायी बनी रहेगी।
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टनल के दोनों छोरों को जोड़ने का काम पूरा होने के बाद, अगले चरण में टनल के भीतर यातायात संचालन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें टनल की प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन निकास मार्गों की स्थापना शामिल है। एनएचएआई ने आश्वासन दिया है कि यह सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएंगे, ताकि यातायात जल्द ही शुरू किया जा सके।

इस परियोजना के पूरा होने से शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। स्थानीय निवासी और व्यवसायी इस परियोजना से बहुत उम्मीदें लगाए बैठे हैं। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

समारोह में अब्दुल बासित ने सभी श्रमिकों और अधिकारियों को उनकी मेहनत और समर्पण के लिए धन्यवाद दिया। इस परियोजना को सफल बनाने के लिए उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रकार की और भी परियोजनाएं हिमाचल में जल्द ही शुरू होंगी। इससे राज्य के विकास में योगदान मिलेगा। शाेघी में गोरेगांव-संगल 705 मीटर लंबी फोरलेन टनल का निर्माण शिमला के यातायात और पर्यटन को एक नई दिशा देगा। यह परियोजना प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

अब्दुल बासित ने कहा की यह परियोजना न केवल शिमला के यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टनल से यातायात में सुधार होगा और यात्रियों का समय और ईंधन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि टनल के निर्माण से शिमला के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी और यात्रा का समय कम होगा।


 

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पहले हुई पूजा
टनल के दोनों छोरों को जोड़ने से पहले विशेष पूजा का आयोजन किया गया। पूजा के बाद नारियल फोड़ा गया। इसके बाद सुरंग की आखिरी परत को तोड़ने के लिए विस्फोट किया गया।

11 किलोमीटर कम होगी दूरी
एनएचएआई कैथलीघाट से ढली-मशोबरा जंक्शन तक के दो पैकेज में 30.96 हेक्टेयर भूमि पर फोरलेन का निर्माण कर रहा है। ढली-कैथलीघाट फोरलेन परियोजना से डबल लेन सड़क से कैथलीघाट और ढली के बीच की दूरी 40 किलोमीटर से घटाकर 28.5 किलोमीटर रह जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर 3,914 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में कैथलीघाट से शकराल गांव तक 1,844 करोड़ रुपये से 17.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 20 पुल, दो टनल, एक अंडरपास, 53 कलवर्ट, एक प्रमुख जंक्शन, दो अल्प जंक्शन और एक टोल प्लाजा बनेगा।

दूसरे पैकेज में शकराला गांव से ढली-मशोबरा जंक्शन तक के 10.985 किमी लंबे फोरलेन पर 2,070 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 7 पुल, 3 टनल, 29 कलवर्ट, 3 प्रमुख जंक्शन और एक अल्प जंक्शन बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
 
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