हिमाचल के कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ लगती महाराजा वैली के पीज गांव में शनिवार को देवता वीर अजयपाल का मंदिर जलकर राख हो गया। आग से देवता की दो अष्टधातु की मूर्तियां, चांदी के तीन मोहरे तथा अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गया।
आग से करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पीज में देवता वीर अजयपाल के डेढ़ मंजिला मंदिर में सुबह अचानक आग गई। देवता का मंदिर गांव से थोड़ी दूरी पर स्थित है।
इससे पहले कि ग्रामीणों को आग की सूचना मिलती, तब तक पूरा मंदिर आग की चपेट में आ चुका था। ग्रामीणों के सामने ही पूरा मंदिर आग की भेंट चढ़ गया। हालांकि, ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। गौर रहे कि शनिवार को जिला में मकर संक्रांति का पर्व था। मकर संक्रांति के दिन इस प्रकार की अप्रिय घटना के होने देव समाज से जुड़े लोग बुरा संकेत मान रहे हैं।
ग्राम पंचायत पीज के प्रधान भुवनेश्वर सिंह ने बताया कि मंदिर का इतिहास तथा मंदिर काफी पुराना था। उन्होंने कहा कि आग की सूचना जब तक ग्रामीणों को मिली आग से पूरा मंदिर जलकर राख हो चुका था।
उधर, जिला फायर ऑफिसर दुर्गादास ठाकुर ने कहा कि पीज में देवता वीर अजयपाल का मंदिर जलकर नष्ट हुआ है। आग से करीब 20 लाख का नुकसान हुआ है। आगजनी से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेजी जाएगी।